राघव चड्ढा की संजय दत्त से मुलाकात: बेहतरीन इंसान की तारीफ की तस्वीरें साझा

Click to start listening
राघव चड्ढा की संजय दत्त से मुलाकात: बेहतरीन इंसान की तारीफ की तस्वीरें साझा

सारांश

जब राघव चड्ढा ने संजय दत्त के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं, तो फिल्म जगत और राजनीति के संगम ने सभी का ध्यान खींचा। जानिए इस मुलाकात की खास बातें!

Key Takeaways

  • राघव चड्ढा और संजय दत्त की मुलाकात ने ध्यान आकर्षित किया।
  • फिल्म 'धुरंधर' बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।
  • संजय दत्त की तारीफ और आकर्षण हमेशा बना रहता है।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जब भी राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री का संगम होता है, यह आम दर्शकों के लिए एक रोमांचक अनुभव बन जाता है। इसी संदर्भ में आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता संजय दत्त के साथ अपनी मुलाकात की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं, जो उनके फैंस का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

यह मुलाकात उस समय हुई है जब फिल्म 'धुरंधर' और उसके सीक्वल 'धुरंधर: द रिवेंज' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है।

राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तीन तस्वीरें साझा कीं, जिनमें से पहली तस्वीर में वह और संजय दत्त मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं, जहाँ संजय ने राघव के कंधे पर हाथ रखा है। दूसरी तस्वीर में राघव संजय का हाथ पकड़कर उनका स्वागत करते हुए नजर आ रहे हैं। तीसरी तस्वीर में दोनों बोनफायर के सामने बैठकर बातचीत कर रहे हैं।

इन तस्वीरों के साथ राघव ने एक कैप्शन लिखा, जिसमें उन्होंने संजय दत्त की खूब तारीफ की। उन्होंने लिखा, "कुछ समय पहले, मुझे संजय दत्त को अपने घर पर आमंत्रित करने का मौका मिला, जो वास्तव में मेरे लिए सबसे बेहतरीन इंसानों में से एक हैं।"

उन्होंने 'धुरंधर' फिल्म के प्रति मिल रहे प्यार पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि संजय दत्त का आकर्षण हमेशा बना रहता है और लोग उनकी सराहना करते हैं।

उन्होंने लिखा, "आपको 'धुरंधर' के लिए मिले प्यार को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। आपका आकर्षण हर समय वैसा ही बना रहता है और हर दौर में लोग आपकी तारीफ करते हैं। इस प्यार के आप पूरी तरह से हकदार हैं। मैं हमेशा आपके लिए शुभकामनाएँ देता हूँ।"

फिल्म 'धुरंधर' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की है। यह कहानी 1999 के कंधार हाईजैक जैसी घटनाओं से प्रेरित है, जहां देश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा संकट उत्पन्न होता है। इसमें आईबी चीफ अजय सान्याल (आर. माधवन) दुश्मनों को जवाब देने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई सरकारी अड़चनों के कारण उन्हें सीधे कदम उठाने में कठिनाई होती है। इसके बाद 'ऑपरेशन धुरंधर' की शुरुआत होती है, जिसमें हमजा (रणवीर सिंह) नाम का एक अंडरकवर एजेंट दुश्मन देश में जाकर आतंक और अपराध के नेटवर्क को खत्म करने का मिशन लेकर जाता है। फिल्म में गैंगवार, राजनीति और आतंकवाद के जाल को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

इसकी सीक्वल 'धुरंधर: द रिवेंज' कहानी को आगे बढ़ाती है। इस बार कहानी हमजा अली मजारी के बदले और उसके मिशन के इर्द-गिर्द घूमती है। पहले भाग के बाद अब वह दुश्मनों के बीच अपनी जगह बना चुका है और भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों को खत्म करने के इरादे से आगे बढ़ रहा है। फिल्म में पाकिस्तान के ल्‍यारी क्षेत्र की गैंगवार, सत्ता की लड़ाई और अंतरराष्ट्रीय साजिशों को दिखाया गया है। साथ ही, कहानी में नोटबंदी और राजनीतिक घटनाओं के संदर्भ भी जोड़े गए हैं।

Point of View

यह मुलाकात दर्शाती है कि राजनीति और फिल्म उद्योग के बीच का संबंध किस प्रकार से जनता के लिए दिलचस्प हो सकता है। राघव चड्ढा की संजय दत्त के प्रति प्रशंसा इस बात का प्रमाण है कि दोनों क्षेत्र एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

राघव चड्ढा ने संजय दत्त के बारे में क्या कहा?
राघव चड्ढा ने संजय दत्त को अपने जानने वालों में से सबसे अच्छे लोगों में से एक बताया और उनकी तारीफ की।
फिल्म 'धुरंधर' की कहानी किस पर आधारित है?
फिल्म 'धुरंधर' 1999 के कंधार हाईजैक जैसी घटनाओं पर आधारित है।
'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' में क्या अंतर है?
'धुरंधर' में पहला भाग है, जबकि 'धुरंधर: द रिवेंज' कहानी को आगे बढ़ाता है।
Nation Press