27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या राहुल गांधी बिहार की जमीनी हकीकत उजागर कर रहे हैं? : आनंद दुबे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या राहुल गांधी बिहार की जमीनी हकीकत उजागर कर रहे हैं? : आनंद दुबे

सारांश

राहुल गांधी ने बिहार में चुनाव आयोग के मतदाता पुनरीक्षण के विरोध में महागठबंधन की सड़कों पर उतरकर जमीनी हकीकत को उजागर किया। क्या यह उनकी लड़ाई लोकतंत्र और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी? जानें इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

राहुल गांधी का बिहार आंदोलन लोकतंत्र को बचाने के लिए है।
आनंद दुबे ने बिहार की जमीनी हकीकत को उजागर किया।
भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
भाषा विवाद में मराठी को प्राथमिकता देने की बात की गई।
बेरोजगारी की समस्या बिहार में गंभीर है।

मुंबई, 9 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में चुनाव आयोग के मतदाता पुनरीक्षण के खिलाफ महागठबंधन के सभी घटक दलों के प्रमुख नेता पटना की सड़कों पर उतरे। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी पटना पहुंचे और विरोध मार्च में शामिल हुए। इस पर शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि राहुल गांधी बिहार की जमीनी हकीकत को उजागर कर रहे हैं।

आनंद दुबे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी लगातार बिहार जाकर वहां की जमीनी सच्चाई को सामने ला रहे हैं। भाजपा-जेडीयू सरकार ने कानून व्यवस्था को पूरी तरह से विफल कर दिया है। बेरोजगारी अपने चरम पर है और चुनाव आयोग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। इन मुद्दों पर आंदोलन करना, ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर मजदूरों और किसानों की आवाज उठाना जरूरी है। चाहे बिहार बंद हो या भारत बंद, राहुल गांधी जनता के हक के लिए लड़ रहे हैं। यह लड़ाई देश की सुरक्षा और लोकतंत्र बचाने की है।

आनंद दुबे ने शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ के मामले पर कहा, "एकनाथ शिंदे की पार्टी के विधायक संजय गायकवाड़ ने जिस तरह कैंटीन में किसी के साथ मारपीट की, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक विधायक, जिस पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, वह खुद इसका उल्लंघन कर रहा है। महाराष्ट्र की संस्कृति में गुंडागर्दी स्वीकार्य नहीं। क्या यह सरकार जवाबदेही से भाग रही है?"

उन्होंने भाषा विवाद पर कहा, "अगर महाराष्ट्र में किसी भाषा को प्राथमिकता दी जानी है, तो वह सबसे पहले मराठी होनी चाहिए। उसके बाद अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू और बाकी 500 भाषाएं आती हैं। लेकिन मराठी में लिखना जरूरी है। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन महाराष्ट्र में मराठी पहले है। आरएसएस भी कहती है कि हर राज्य की भाषा राष्ट्र की भाषा जैसी होनी चाहिए। हमारा उद्देश्य किसी भाषा के खिलाफ जहर घोलना नहीं, बल्कि मराठी को उसका सम्मान दिलाना है।"

भाजपा ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के दौरान पेंशन योजना में लगभग 200 करोड़ का घोटाला हुआ है। इस पर आनंद दुबे ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है। यदि आम आदमी पार्टी की सरकार में कोई भ्रष्टाचार या घोटाला हुआ है, तो उसकी जांच कराएं, यह आपका अधिकार है। बार-बार पुराने मामलों का सहारा लेकर आप अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकते। आपको दिल्ली की जनता ने महिलाओं, माताओं और बहनों के लिए योजनाएं लाने और राजधानी को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण है। बिहार की जमीनी हकीकत को उजागर करने की उनकी कोशिशें उन चुनौतियों का सामना करने का प्रयास हैं जो देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी का बिहार में आंदोलन क्या है?
राहुल गांधी बिहार में चुनाव आयोग के मतदाता पुनरीक्षण के विरोध में महागठबंधन के साथ मिलकर आंदोलन कर रहे हैं, जिसमें वे वहां की जमीनी हकीकत को उजागर कर रहे हैं।
आनंद दुबे का इस आंदोलन पर क्या कहना है?
आनंद दुबे ने कहा है कि राहुल गांधी बिहार की जमीनी हकीकत को उजागर कर रहे हैं और यह लड़ाई देश की सुरक्षा और लोकतंत्र को बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।
भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान पेंशन योजना में लगभग 200 करोड़ का घोटाला हुआ है।
भाषा विवाद पर आनंद दुबे का क्या मत है?
आनंद दुबे का कहना है कि यदि महाराष्ट्र में कोई भाषा प्राथमिकता दी जानी है, तो वह मराठी होनी चाहिए।
बिहार में बेरोजगारी की स्थिति क्या है?
आनंद दुबे के अनुसार, बिहार में बेरोजगारी अपने चरम पर है और भाजपा-जेडीयू सरकार ने कानून व्यवस्था को पूरी तरह से विफल कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले