क्या बिहार की जनता सच में होशियार है? राहुल गांधी का दावा

सारांश
Key Takeaways
- बिहार की जनता को वोट के अधिकार के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
- चुनाव आयोग को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
- गरीबों के अधिकारों की रक्षा आवश्यक है।
सीतामढ़ी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को 'वोटर अधिकार यात्रा' के तहत सीतामढ़ी का दौरा किया। जनसभा में उन्होंने बिहार में एसआरआई द्वारा काटे गए नामों पर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि अभी कुछ वोट काटे गए हैं, लेकिन नए नाम भी जोड़े जाएंगे।
उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वोट का अधिकार खत्म हो गया या वोट काटा गया, तो गरीबों के पास कुछ भी नहीं बचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वोट काटने के बाद राशन कार्ड समाप्त किया जाएगा और फिर जमीनें भी छीन ली जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, हरियाणा, और कर्नाटक में वोट चोरी कर सत्ता में आए हैं। महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में उनके गठबंधन को अधिक सीटें मिलीं, लेकिन चार महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में उनका गठबंधन कहीं नजर नहीं आया।
राहुल गांधी ने कहा कि यहां लाखों नाम जोड़कर वोट चोरी की गई है। उन्होंने इस यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग को यह समझ लेना चाहिए कि बिहार की जनता जागरूक है। उन्होंने संविधान की चर्चा करते हुए कहा कि आजादी से पहले दलितों को अछूत माना जाता था, लेकिन अब संविधान के द्वारा उन्हें अधिकार दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की मतदाता सूची से काटे गए 65 लाख नामों में दलित, अति पिछड़े, अल्पसंख्यक, गरीब और किसान शामिल हैं, जबकि इनमें से कोई भी अमीर नहीं है। ये लोग गरीबों का अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि वोटर अधिकार यात्रा के 12वें दिन की शुरुआत सीतामढ़ी से हुई। राहुल गांधी ने गुरुवार को जानकी मंदिर जाकर माता की पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।