क्या राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण के खिलाफ लोगों से अनुभव साझा करने की अपील की?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण पर लोगों से अनुभव साझा करने की अपील की है।
- ‘आवाज भारत की’ पहल का उद्देश्य नागरिकों की समस्याएं सुनना है।
- वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित वर्गों की पहचान की गई है।
- दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर स्तर पर पहुंच गया है।
- लोगों को अपनी आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को देशभर के लोगों से अपील की कि वे बताएं कि वायु प्रदूषण उनके और उनके परिवार की सेहत पर किस प्रकार प्रभाव डाल रहा है। इसके लिए उन्होंने ‘आवाज भारत की’ नामक एक पोर्टल के माध्यम से अपनी बातें साझा करने के लिए कहा।
‘आवाज भारत की’ राहुल गांधी की एक पहल है, जिसका उद्देश्य लोगों को उनकी समस्याएं, सुझाव और चिंताएं सीधे उनके कार्यालय तक पहुंचाने का मंच प्रदान करना है। यह जानकारी इस पहल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "हम अपने स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था से वायु प्रदूषण की भारी कीमत चुका रहे हैं। करोड़ों आम भारतीय हर दिन इसका बोझ उठाते हैं।"
उन्होंने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और दिहाड़ी पर काम करने वालों की रोजी-रोटी पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस संकट को अगली सर्दियों तक नहीं भुलाया जा सकेगा। बदलाव की पहली शुरुआत है- अपनी आवाज उठाना।”
लोगों से भागीदारी की अपील करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “बताइए कि वायु प्रदूषण ने आपको या आपके अपनों को कैसे प्रभावित किया है। ‘आवाज भारत की’ पर अपनी बात साझा करें। आपकी आवाज मायने रखती है और उसे उठाना मेरा कर्तव्य है।”
यह अपील ऐसे समय पर आई है जब पिछले कुछ महीनों से दिल्ली और आसपास के कई शहर गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे हैं। इससे लोगों में सांस की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ गई हैं। स्मॉग और लगातार खराब हवा की वजह से खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
पिछले कुछ महीनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंचने के कारण दिल्ली के स्कूलों को कई बार ऑनलाइन कक्षाएं चलानी पड़ीं।
पिछले साल दिसंबर में दिल्ली के लोगों ने बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन भी किए और सरकार से ठोस कार्ययोजना की मांग की।
जंतर-मंतर पर छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों सहित सौ से अधिक लोग इकट्ठा हुए और राज्य व केंद्र सरकार से तुरंत कदम उठाने की अपील की।
पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस पार्टी ने दोनों सदनों में वायु प्रदूषण का मुद्दा बार-बार उठाया। पार्टी नेताओं ने तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए और बढ़ते प्रदूषण और जनस्वास्थ्य संकट के लिए सरकार से जवाबदेही की मांग की।