क्या राहुल गांधी वोटर अधिकार यात्रा के 12वें दिन सीतामढ़ी के जानकी मंदिर पहुंचे?

सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी की यात्रा का उद्देश्य वोट चोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
- महागठबंधन के विभिन्न नेता इस यात्रा में शामिल हैं।
- यात्रा 1,300 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
- बिहार विधानसभा में विपक्ष की एकजुटता का प्रतीक।
- 1 सितंबर को पटना में यात्रा का समापन होगा।
सीतामढ़ी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में इस वर्ष होने वाले चुनावों से पहले कथित वोट चोरी के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार महागठबंधन द्वारा आयोजित वोटर अधिकार यात्रा का 12वां दिन सीतामढ़ी से शुरू हुआ।
गुरुवार को राहुल गांधी ने जानकी मंदिर में जाकर माता की पूजा अर्चना की और आशीर्वाद लिया। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने माता के दर्शन करते हुए देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर के पुजारी ने मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
राहुल गांधी के साथ सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम सहित महागठबंधन के कई अन्य नेता भी थे। सभी ने माता जानकी की पूजा अर्चना की। आज की यात्रा में राहुल गांधी सीतामढ़ी के रीगा मिल चौक, मनियारी चौक, और बैरगनिया होते हुए ढाका पहुंचेंगे। यहाँ उनकी यात्रा आजाद चौक, मोतिहारी रोड, चिरैया विधानसभा छतौनी, और गांधी चौक से होते हुए महात्मा गांधी प्रेक्षागृह पहुंचेगी, जहां वे संविधान सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
इसके बाद वे बेतिया जाएंगे, जहाँ वे रात्रि विश्राम करेंगे। वास्तव में, विपक्ष इस यात्रा के माध्यम से एसआईआर में नाम काटने के मुद्दे को उठा रहा है, वहीं सरकार बदलाव को लेकर भी लोगों के पास पहुंच रही है। इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी शामिल होकर विपक्ष की एकजुटता का संदेश दे चुके हैं। इस यात्रा में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के प्रमुख नेता भी राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिला रहे हैं।
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई है। इस 16 दिन की यात्रा में लगभग 20 जिलों से गुज़रते हुए 1,300 किलोमीटर का सफर तय होगा। 1 सितंबर को पटना में एक बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा।