क्या राहुल-प्रियंका ने एसएससी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को अमानवीय बताया?

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क्या राहुल-प्रियंका ने एसएससी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को अमानवीय बताया?

सारांश

दिल्ली में एसएससी छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस का लाठीचार्ज हुआ, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने तीखा हमला किया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इसे अमानवीय और डरपोक सरकार की पहचान बताया। क्या ये प्रदर्शन करने वाले छात्रों के हक की बात है?

Key Takeaways

  • दिल्ली में एसएससी छात्रों का प्रदर्शन हुआ।
  • कांग्रेस नेताओं ने सरकार की नीतियों की आलोचना की।
  • लाठीचार्ज की घटना ने गंभीर प्रश्न उठाए।
  • युवाओं के अधिकारों की रक्षा आवश्यक है।
  • सरकार के प्रति लोगों की निराशा बढ़ती जा रही है।

नई दिल्ली, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में एसएससी छात्रों और शिक्षकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस घटना को न केवल अमानवीय बल्कि डरपोक सरकार की पहचान बताया।

राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एसएससी अभ्यर्थियों और शिक्षकों पर बर्बर लाठीचार्ज—यह न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह एक डरपोक सरकार की पहचान है। युवाओं ने सिर्फ अपना हक मांगा था—रोजगार और न्याय। लेकिन उन्हें क्या मिला? लाठियां। यह स्पष्ट है कि सरकार को न तो देश के युवाओं की चिंता है और न ही उनके भविष्य की। क्यों? क्योंकि यह सरकार जनता के वोटों से नहीं, वोट चुराकर सत्ता में आई है।"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार लगातार जनता के अधिकारों को छीनने में लगी हुई है। उन्होंने आगे लिखा, "पहले वोट चुराएंगे, फिर परीक्षा चुराएंगे, फिर नौकरियां चुराएंगे, फिर आपका हक और आवाज - दोनों कुचल देंगे! युवाओं, किसानों, गरीबों, बहुजनों और अल्पसंख्यकों - आपका वोट इन्हें चाहिए नहीं, इसलिए आपकी मांगें कभी इनकी प्राथमिकता नहीं होंगी। अब वक्त है - डरने का नहीं, डटकर मुकाबला करने का।"

कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने भी छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर रहे एसएससी छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग अमानवीय और शर्मनाक है।"

उन्होंने आगे कहा, "हर परीक्षा में धांधली, हर भर्ती में घोटाला और पेपर लीक से देश के युवा त्रस्त हैं। भाजपा राज में भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है। इसे ठीक करने और युवाओं की बात सुनने की बजाय उन पर लाठियां बरसाना दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्रों पर क्रूरता बरतने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।"

Point of View

तो सरकार की प्राथमिकता कहीं पीछे छूट जाती है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रों की आवाज सुनी जाए और उनके हक की रक्षा की जाए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

दिल्ली में एसएससी छात्रों का प्रदर्शन क्यों हुआ?
एसएससी छात्रों ने रोजगार और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने इस घटना पर क्या कहा?
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इसे अमानवीय और डरपोक सरकार का कार्य बताया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज क्यों किया?
पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, जो कि कई नेताओं द्वारा निंदा की गई।