14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रायसेन कृषि महोत्सव में 'स्मार्ट' खेती और ड्रैगन फ्रूट को बढ़ावा देने की जानकारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रायसेन कृषि महोत्सव में 'स्मार्ट' खेती और ड्रैगन फ्रूट को बढ़ावा देने की जानकारी

सारांश

रायसेन में चल रहे तीन दिवसीय कृषि महोत्सव में स्मार्ट खेती, ड्रैगन फ्रूट और ड्रिप सिंचाई तकनीकों का व्यापक प्रदर्शन हो रहा है। जानिए कैसे ये पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही हैं।

मुख्य बातें

कृषि महोत्सव में नई तकनीकों का प्रदर्शन किसानों के लिए वित्तीय सहायता की योजनाएं स्मार्ट खेती और ड्रिप सिंचाई का महत्व ड्रैगन फ्रूट को प्रोत्साहन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर

रायसेन, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में इन दिनों तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव

इस महोत्सव में आधुनिक कृषि उपकरणों, नई तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे किसानों को समय के साथ खेती करने की प्रेरणा मिल रही है।

वर्तमान में भारतीय कृषि तेजी से आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रही है। परंपरागत खेती के साथ-साथ किसान नई तकनीकों, उन्नत बीजों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने में लगे हैं। इस बदलाव को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही हैं, जिनका लाभ किसान उठा रहे हैं।

इस संदर्भ में, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत फल, सब्जी, फूल, मसाले और औषधीय पौधों की खेती के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, किसानों को प्रशिक्षण देकर उन्हें उन्नत तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है।

बेगमगंज की वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी देवकी मरकाम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के तहत छोटे किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इस योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना या विस्तार के लिए पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत का ३५ प्रतिशत या अधिकतम १० लाख रुपये तक अनुदान दिया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं।

डिप्टी डायरेक्टर (एनएचबी) डॉ. सुंदर कांटिया ने बताया कि संरक्षित खेती जैसे पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और शेडनेट के निर्माण पर किसानों को ५० प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। खुले खेत में आम, अमरूद और आंवला जैसी फसलों की खेती पर ४० प्रतिशत तक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और अन्य पोस्ट हार्वेस्ट संरचनाओं पर ३० से ५० प्रतिशत तक अनुदान भी उपलब्ध है। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ४० प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ड्रिप सिंचाई, उच्च गुणवत्ता वाले पौधे और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी किसानों को ४० से ५५ प्रतिशत तक सब्सिडी सीधे डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। ड्रैगन फ्रूट जैसी नई फसलों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ग्रामीण विकास को भी गति देगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रायसेन कृषि महोत्सव कब आयोजित हो रहा है?
रायसेन कृषि महोत्सव १३ अप्रैल से शुरू होकर तीन दिन तक चलेगा।
किसान किन नई तकनीकों से अवगत हो रहे हैं?
किसान स्मार्ट खेती, ड्रिप सिंचाई और ड्रैगन फ्रूट जैसी नई तकनीकों से अवगत हो रहे हैं।
किसानों के लिए वित्तीय सहायता कैसे उपलब्ध है?
किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
क्या ड्रिप सिंचाई पर सब्सिडी मिलती है?
हाँ, राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ड्रिप सिंचाई पर किसानों को सब्सिडी प्राप्त होती है।
ड्रैगन फ्रूट को बढ़ावा देने के लिए क्या योजनाएं हैं?
ड्रैगन फ्रूट जैसी नई फसलों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले