क्या राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन दुखद है?

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क्या राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन दुखद है?

सारांश

राजा साहब विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से अयोध्या में शोक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संवेदनाएं व्यक्त की हैं। जानिए उनके योगदान और परिवार के बारे में।

Key Takeaways

  • राजा साहब विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन अयोध्या में शोक की लहर
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्त किया दुख
  • श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे
  • परिवार में हैं यतीन्द्र मिश्र और शैलेन्द्र मोहन मिश्र
  • उनका योगदान अयोध्या की पहचान में महत्वपूर्ण

अयोध्या, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अयोध्या राजसदन के मुखिया और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (राजा साहब) का निधन शनिवार रात ११ बजे हुआ। ७५ वर्षीय राजा साहब के निधन की सूचना से प्रदेश में शोक की लहर फैल गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य तथा राज सदन अयोध्या के मुखिया राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रपप्पू भैया जी’ के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। इस दु:खद घड़ी में मेरी गहन संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक्स पर लिखा, "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य तथा राज सदन अयोध्या के मुखिया राजा विमलेंद्र प्रताप मोहन मिश्रपप्पू भैया जी’ का असामयिक निधन अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। श्रीहरि जी से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"

राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के भाई शैलेन्द्र मोहन मिश्र ने बताया कि शनिवार रात अचानक उनका ब्लड प्रेशर गिर गया, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर को तत्काल बुलाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। राजा साहब ने अपने निवास राज सदन में अंतिम सांस ली। पिछले वर्ष ही उनकी पत्नी का निधन हुआ था। विमलेंद्र प्रताप धर्म सेतु वक्फ के चेयरमैन एवं महाराजा इंटर कॉलेजमहाराजा पब्लिक स्कूल समेत कई अन्य संस्थानों के भी संस्थापक न्यासी थे। वह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए। उनके बेटे यतीन्द्र मिश्र कवि-लेखक व साहित्यकार हैं और प्रसार भारती के सलाहकार भी हैं।

विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र न केवल अयोध्या के राजघराने के सम्मानित मुखिया थे, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से भी गहराई से जुड़े रहे। उन्हें अयोध्या की सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता था। राजा साहब के निधन से न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गम का माहौल है। कई मंत्री व जनप्रतिनिधियों के अयोध्या पहुंचने की सूचना है।

अयोध्या में राजवंश परिवार के मौजूदा राजा के रूप में विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र अयोध्या के लोगों के बीच राजा साहब के रूप में जाने जाते थे। वह अयोध्या रामायण मेला संरक्षक समिति के सदस्य भी थे। उन्होंने २००९ के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद संसदीय सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं सके थे।

Point of View

बल्कि सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण शून्य उत्पन्न हुआ है। उनकी सेवाओं को याद किया जाएगा और उनका योगदान हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

राजा साहब विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का योगदान क्या था?
राजा साहब ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अयोध्या के सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान का स्तंभ रहे।
राजा साहब के परिवार में कौन-कौन हैं?
राजा साहब के परिवार में उनके भाई शैलेन्द्र मोहन मिश्र और बेटे यतीन्द्र मिश्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका निधन अत्यंत दुखद है और उन्होंने दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना की।
राजा साहब का निधन कब हुआ?
राजा साहब का निधन २४ अगस्त को रात ११ बजे हुआ।
क्या राजा साहब ने चुनाव भी लड़ा था?
हाँ, उन्होंने २००९ में फैजाबाद संसदीय सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।