सवाई माधोपुर: शिक्षिका के पैसे खोने पर छात्राओं की कपड़े उतरवाकर तलाशी, शिक्षिका निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के लिवाली राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 13 जुलाई 2026 को एक अत्यंत आपत्तिजनक घटना सामने आई, जब शिक्षिका के पर्स से रुपए गुम होने पर कथित तौर पर कक्षा 9वीं से 11वीं तक की छात्राओं के कपड़े उतरवाकर उनकी तलाशी ली गई। मामला उजागर होते ही भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक ने आरोपी शिक्षिका को निलंबित कर दिया और विभागीय जाँच के आदेश दिए।
घटना का विवरण
यह घटना बामनवास उपखंड क्षेत्र में स्थित लिवाली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की है। आरोपों के अनुसार, शिक्षिका सरस्वती मीना के पर्स से कुछ रुपए गायब हो गए, जिसका संदेह विद्यालय की छात्राओं पर किया गया। इसके बाद कथित तौर पर 'जाँच' के नाम पर छात्राओं को कपड़े उतारने पर मजबूर किया गया। घटनाक्रम 13 जुलाई का बताया जा रहा है।
अभिभावकों और ग्रामीणों का आक्रोश
जब डरी-सहमी छात्राओं ने घर लौटकर परिजनों को इस घटना की जानकारी दी, तो पूरे गाँव में रोष फैल गया। बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय के बाहर एकत्र हो गए और मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही सीबीईओ प्रतिभा मीना तत्काल मौके पर पहुँचीं और पीड़ित छात्राओं से पूरी घटना का ब्यौरा लिया।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई
सीबीईओ की रिपोर्ट के आधार पर स्कूल शिक्षा, भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक ने शिक्षिका सरस्वती मीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन काल के दौरान उनका मुख्यालय धौलपुर के राजाखेड़ा स्थित सीबीईओ कार्यालय निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, विद्यालय की व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी सेवा प्रदाता कंपनी के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है।
विभागीय जाँच शुरू
शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले में विभागीय जाँच के आदेश जारी किए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान में शैक्षणिक संस्थाओं में छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि इस तरह की तलाशी प्रक्रिया न केवल नैतिक रूप से अस्वीकार्य है, बल्कि बच्चों के अधिकारों का भी स्पष्ट उल्लंघन है। आगे की जाँच रिपोर्ट के आधार पर और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।