राजकोट लूट-हत्या: गुजरात पुलिस ने 10 आरोपी दबोचे, ₹1.53 करोड़ का सोना-चांदी बरामद
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के राजकोट में तनवी एक्सपोर्ट इंडिया लिमिटेड के रिफाइनरी प्रबंधक लालाजीभाई सरधरा की सशस्त्र लूट और हत्या के मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। 14 अक्टूबर 2026 की रात को हुई इस वारदात के कुछ घंटों के भीतर ही ₹1.53 करोड़ मूल्य का परिष्कृत सोना और चांदी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
14 अक्टूबर 2026 को रात करीब 8 बजे, अजी जीआईडीसी मेन रोड पर बाविशी वे ब्रिज के सामने यह घटना हुई, जो थोराला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आती है। प्रबंधक सरधरा रिफाइनरी से बाहर निकलकर कंपनी के शोरूम जाने के लिए अपनी दोपहिया गाड़ी पर सवार होने की तैयारी में थे।
उनके पास 946 ग्राम परिष्कृत सोने के बिस्कुट (मूल्य ₹1.489 करोड़) और लगभग 2 किलोग्राम परिष्कृत चांदी का पाउडर (मूल्य ₹4.3 लाख) से भरा बैग था। तभी एक कार में सवार होकर चार लोग वहाँ पहुँचे, जिनमें से दो उतरकर बैग छीनने लगे।
जब सरधरा और सुरक्षा गार्ड बावनजी पधियार ने विरोध किया, तो हमलावरों में से एक ने प्रबंधक पर तीन गोलियाँ चला दीं। सरधरा गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। आरोपी बैग लेकर फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अंतरराज्यीय तलाश
घटना के तुरंत बाद क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), लोकल क्राइम ब्रांच (LCB), जोन 1 और थोराला पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीमें तैनात की गईं। जाँचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के ज़रिये कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई कार का पता लगाया।
चूँकि वाहन गुजरात के बाहर से आया था, इसलिए पुलिस ने राजस्थान में अपने समकक्षों के साथ समन्वय किया। राजस्थान पुलिस ने सिरोही जिले के जनपुर सर्कल में कार रोककर चार आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि दो अन्य आरोपी चोरी की संपत्ति लेकर दूसरी कार में निकल चुके थे।
पुलिस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से समन्वय के बाद उदयपुर जिले के बड़गांव इलाके में दूसरी कार को भी रोक लिया गया। इसके बाद कच्छ जिले के समाखियाली से और आरोपी गिरफ्तार हुए। कीमती सामान की आवाजाही की सूचना देने के संदेह में एक व्यक्ति को राजकोट से ही दबोचा गया, जिससे गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 10 हो गई।
आरोपियों की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों की पहचान अश्विनी कुमार उर्फ लंकेश, अनुराग सिंह, विशाल सिंह, शिवम गुप्ता, वेदांत कांत उर्फ अमन, पवनकुमार, अरविंद उर्फ नीरज, शैलेश कुमार खरवार, अजीत कुमार पांडे और शिवम पांडे के रूप में हुई है। इनमें से अधिकांश उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जबकि शैलेश कुमार राजकोट में रह रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि कम से कम तीन आरोपियों की पूर्व गिरफ्तारियों का रिकॉर्ड है। अजीत कुमार पांडे को 2025 में चंदौली में हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अश्विनी कुमार को 2025 में हत्या के प्रयास और 2018 में मारपीट के दो अलग मामलों में पकड़ा जा चुका है। अनुराग सिंह उत्तर प्रदेश के बहरियाबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज गैर-इरादतन हत्या के मामले में अभियुक्त रह चुका है।
गौरतलब है कि शैलेश कुमार के विरुद्ध हरियाणा के पलवल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 110, 333 और 351(3) के अंतर्गत मामला पहले से दर्ज है।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि बरामद की गई संपत्ति में परिष्कृत सोने की छड़ें, चांदी का पाउडर, वारदात में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई दो कारें और 8 मोबाइल फोन शामिल हैं। जब्त की गई संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य ₹1,57,65,500 है।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और जाँचकर्ता किसी भी अन्य संभावित सहयोगी की तलाश कर रहे हैं।