नोएडा में राजनाथ सिंह ने महाजन इमेजिंग का उद्घाटन किया, AI-आधारित 3.0 टेस्ला MRI और 160-स्लाइस CT की सुविधा
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 अगस्त 2026 को नोएडा के सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र सभागार में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के नए इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन किया। यह उत्तर प्रदेश में कंपनी का पहला केंद्र है, जो दिल्ली और हरियाणा में सफल विस्तार के बाद यूपी में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। इस अवसर पर नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज भी उपस्थित रहीं।
केंद्र में क्या-क्या सुविधाएं हैं
महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के इस नए केंद्र में AI-आधारित अल्ट्रा-फास्ट 3.0 टेस्ला एमआरआई और 160-स्लाइस सीटी स्कैनर जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। एक ही छत के नीचे रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, जीनोमिक्स और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध होने से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह एकीकृत दृष्टिकोण मरीजों को अलग-अलग स्थानों पर भटकने से बचाएगा।
राजनाथ सिंह के संबोधन की मुख्य बातें
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल तकनीक ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा, 'पहले जिन बीमारियों का पता लगाना काफी मुश्किल होता था, अब आधुनिक जांच तकनीकों के माध्यम से उनकी पहचान जल्द और अधिक सटीक तरीके से संभव हो पा रही है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अच्छी जांच व्यवस्था का उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना नहीं, बल्कि मरीज को अनावश्यक जांच और गलत निदान से बचाना भी होना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने रेडियोलॉजी और सैन्य चिकित्सा के बीच ऐतिहासिक संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी तकनीकों का उपयोग सैनिकों की चिकित्सा जांच और युद्धक्षेत्र में घायल जवानों की स्थिति का आकलन करने में किया जाता रहा है, और भविष्य में मेडिकल विज्ञान को नई तकनीकों के साथ निरंतर जोड़ना होगा।
आयुष्मान भारत और उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विस्तार
राजनाथ सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देशभर में करीब 45 करोड़ लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बनी है। उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में करीब 5 करोड़ लोग स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आए हैं और लगभग 80 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिला है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2017 के करीब 12 से बढ़कर अब करीब 45 हो गई है।
गौरतलब है कि प्रदेश के करीब 75 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जो गुर्दा रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।
भविष्य की चुनौतियां और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर
राजनाथ सिंह ने आगाह किया कि भारत आज युवा आबादी वाला देश है, लेकिन वर्ष 2050 तक बुजुर्गों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जिससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए बीमारी होने के बाद इलाज करने की बजाय प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को प्राथमिकता देना अत्यंत जरूरी है। यह केंद्र उसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो समय पर और सटीक निदान के ज़रिये गंभीर बीमारियों को प्रारंभिक अवस्था में ही पकड़ने में सक्षम है।