सनातन पर टिप्पणी करने वालों को ग्रंथों का ज्ञान नहीं, गाय हमारी माता है: मंत्री रजनी तिवारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री रजनी तिवारी ने 31 अक्टूबर 2026 को हरदोई में सनातन धर्म और हिंदू परंपराओं पर कथित उपहास को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा प्राप्त है और जो लोग सनातन परंपराओं का मजाक उड़ाते हैं, उन्हें वेदों, उपनिषदों और धर्मग्रंथों का पर्याप्त ज्ञान नहीं है।
सनातन धर्म पर मंत्री का पक्ष
रजनी तिवारी ने कहा कि जिन लोगों को धर्मग्रंथों, वेदों और उपनिषदों की गहरी समझ होती है, वे किसी धर्म का उपहास नहीं उड़ाते। उन्होंने कहा, 'गाय हमारी माता है, हमारे धर्म में उसका पूजन होता है।' उनके अनुसार अज्ञानता ही ऐसी टिप्पणियों का मूल कारण है और ऐसे लोगों पर वह कोई विशेष प्रतिक्रिया देना उचित नहीं समझतीं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश भर में सनातन धर्म को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है और विभिन्न दलों के नेता इस विषय पर परस्पर विरोधी बयान दे रहे हैं। गौरतलब है कि यह इस वर्ष ऐसी कई प्रतिक्रियाओं में से एक है जो सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने धार्मिक परंपराओं पर की गई टिप्पणियों के जवाब में दी हैं।
विश्व बैंक रिपोर्ट और सरकारी योजनाओं की सराहना
विश्व बैंक की उस रिपोर्ट पर जिसमें भारत में गरीबी तेज़ी से घटने और करीब 50 करोड़ लोगों के जीवन में बदलाव का उल्लेख है, मंत्री तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को इसका श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, पुरुषों, किसानों और युवाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की वजह से बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलकर बेहतर जीवनयापन करने में सक्षम हुए हैं। महिला सशक्तीकरण को उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में विशेष रूप से गिनाया।
इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर निशाना
मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर रजनी तिवारी ने विपक्षी दलों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता 'परेशान और बौखलाए हुए' हैं और उन्हें अपनी राजनीतिक ज़मीन खिसकती नज़र आ रही है। उनके अनुसार जनप्रतिनिधियों को सदन के भीतर जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए, न कि सड़क पर प्रदर्शन करना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष पर केवल हंगामा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार नेताओं को यह समझना चाहिए कि किस मुद्दे को किस मंच पर उठाना उचित है।
एसटी हसन की टिप्पणी पर पलटवार
भगवान राम की जन्मभूमि को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता एसटी हसन की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए मंत्री तिवारी ने कहा कि जो लोग भगवान में आस्था नहीं रखते, उन्हें भगवान के जन्मस्थान पर जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जवाब स्वयं भगवान और जनता देती है।
उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) का उल्लेख करते हुए कहा कि इन दलों के नेताओं ने भगवान राम पर सवाल उठाए, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया गया। यह दोनों पक्षों के बीच मूलभूत अंतर है, ऐसा उनका कहना था।
मंत्री रजनी तिवारी के इन बयानों के बाद अब देखना होगा कि विपक्षी दल किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं और यह बहस आगामी राजनीतिक परिदृश्य को किस दिशा में ले जाती है।