31 अक्टूबर 2026
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सनातन पर टिप्पणी करने वालों को ग्रंथों का ज्ञान नहीं, गाय हमारी माता है: मंत्री रजनी तिवारी

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सनातन पर टिप्पणी करने वालों को ग्रंथों का ज्ञान नहीं, गाय हमारी माता है: मंत्री रजनी तिवारी

सारांश

उत्तर प्रदेश की मंत्री रजनी तिवारी ने हरदोई में एक साथ तीन मोर्चों पर विपक्ष को घेरा — सनातन धर्म पर उपहास, इंडिया ब्लॉक का चुनाव आयुक्त विरोध और सपा नेता एसटी हसन की राम जन्मभूमि टिप्पणी। साथ ही विश्व बैंक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मोदी सरकार की योजनाओं की तारीफ की।

मुख्य बातें

रजनी तिवारी ने 31 अक्टूबर 2026 को हरदोई में कहा — सनातन धर्म का उपहास उड़ाने वालों को वेदों और धर्मग्रंथों का ज्ञान नहीं है।
उन्होंने कहा कि गाय हिंदू धर्म में माता का दर्जा रखती है और उसका पूजन होता है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 50 करोड़ लोगों की जिंदगी बेहतर हुई — मंत्री ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिया।
इंडिया ब्लॉक के मुख्य चुनाव आयुक्त विरोध पर कहा — जनप्रतिनिधियों को सदन में मुद्दे उठाने चाहिए, सड़क पर नहीं।
सपा नेता एसटी हसन की राम जन्मभूमि टिप्पणी पर पलटवार — जो भगवान में आस्था नहीं रखते, उन्हें जवाब देने की जरूरत नहीं, जनता खुद जवाब देती है।

उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री रजनी तिवारी ने 31 अक्टूबर 2026 को हरदोई में सनातन धर्म और हिंदू परंपराओं पर कथित उपहास को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा प्राप्त है और जो लोग सनातन परंपराओं का मजाक उड़ाते हैं, उन्हें वेदों, उपनिषदों और धर्मग्रंथों का पर्याप्त ज्ञान नहीं है।

सनातन धर्म पर मंत्री का पक्ष

रजनी तिवारी ने कहा कि जिन लोगों को धर्मग्रंथों, वेदों और उपनिषदों की गहरी समझ होती है, वे किसी धर्म का उपहास नहीं उड़ाते। उन्होंने कहा, 'गाय हमारी माता है, हमारे धर्म में उसका पूजन होता है।' उनके अनुसार अज्ञानता ही ऐसी टिप्पणियों का मूल कारण है और ऐसे लोगों पर वह कोई विशेष प्रतिक्रिया देना उचित नहीं समझतीं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश भर में सनातन धर्म को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है और विभिन्न दलों के नेता इस विषय पर परस्पर विरोधी बयान दे रहे हैं। गौरतलब है कि यह इस वर्ष ऐसी कई प्रतिक्रियाओं में से एक है जो सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने धार्मिक परंपराओं पर की गई टिप्पणियों के जवाब में दी हैं।

विश्व बैंक रिपोर्ट और सरकारी योजनाओं की सराहना

विश्व बैंक की उस रिपोर्ट पर जिसमें भारत में गरीबी तेज़ी से घटने और करीब 50 करोड़ लोगों के जीवन में बदलाव का उल्लेख है, मंत्री तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को इसका श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, पुरुषों, किसानों और युवाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

मंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की वजह से बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलकर बेहतर जीवनयापन करने में सक्षम हुए हैं। महिला सशक्तीकरण को उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में विशेष रूप से गिनाया।

इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर निशाना

मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर रजनी तिवारी ने विपक्षी दलों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता 'परेशान और बौखलाए हुए' हैं और उन्हें अपनी राजनीतिक ज़मीन खिसकती नज़र आ रही है। उनके अनुसार जनप्रतिनिधियों को सदन के भीतर जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए, न कि सड़क पर प्रदर्शन करना चाहिए।

उन्होंने विपक्ष पर केवल हंगामा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिम्मेदार नेताओं को यह समझना चाहिए कि किस मुद्दे को किस मंच पर उठाना उचित है।

एसटी हसन की टिप्पणी पर पलटवार

भगवान राम की जन्मभूमि को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता एसटी हसन की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए मंत्री तिवारी ने कहा कि जो लोग भगवान में आस्था नहीं रखते, उन्हें भगवान के जन्मस्थान पर जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जवाब स्वयं भगवान और जनता देती है।

उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) का उल्लेख करते हुए कहा कि इन दलों के नेताओं ने भगवान राम पर सवाल उठाए, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया गया। यह दोनों पक्षों के बीच मूलभूत अंतर है, ऐसा उनका कहना था।

मंत्री रजनी तिवारी के इन बयानों के बाद अब देखना होगा कि विपक्षी दल किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं और यह बहस आगामी राजनीतिक परिदृश्य को किस दिशा में ले जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुपरिचित रणनीति से जन्मा है — धार्मिक पहचान को चुनावी ध्रुवीकरण के औज़ार के रूप में इस्तेमाल करना। सनातन, गाय और राम जन्मभूमि — तीनों एजेंडे एक ही संबोधन में समेटना संयोग नहीं, बल्कि एक सुचिंतित राजनीतिक संदेश है। विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला सरकारी उपलब्धियों को स्वतंत्र प्रमाण-पत्र के रूप में पेश करने की रणनीति का हिस्सा है, लेकिन रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्षों और योजनाओं की जमीनी पड़ताल से यह बयान दूर ही रहता है। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर चूक जाती है कि इस तरह के बयान उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक तैयारी की आहट हैं, न कि केवल दिन-प्रतिदिन की प्रतिक्रिया।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंत्री रजनी तिवारी ने सनातन धर्म पर क्या कहा?
रजनी तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म का उपहास उड़ाने वालों को वेदों, उपनिषदों और धर्मग्रंथों का पर्याप्त ज्ञान नहीं है। उनके अनुसार जो लोग धर्म और उसकी परंपराओं से परिचित हैं, वे ऐसी टिप्पणियाँ नहीं करते।
विश्व बैंक की रिपोर्ट पर मंत्री ने क्या प्रतिक्रिया दी?
मंत्री तिवारी ने विश्व बैंक की उस रिपोर्ट पर, जिसमें भारत में करीब 50 करोड़ लोगों के जीवन में सुधार का उल्लेख है, प्रधानमंत्री मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, किसानों और युवाओं सहित सभी वर्गों को इन योजनाओं का लाभ मिला है।
इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर मंत्री का क्या रुख रहा?
रजनी तिवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सदन के अंदर जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए, सड़क पर प्रदर्शन करना सही तरीका नहीं है।
सपा नेता एसटी हसन की राम जन्मभूमि टिप्पणी पर मंत्री ने क्या जवाब दिया?
मंत्री तिवारी ने कहा कि जो लोग भगवान में आस्था नहीं रखते, उन्हें भगवान के जन्मस्थान पर जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण BJP के नेतृत्व में हुआ, जबकि विपक्षी नेताओं ने भगवान राम पर सवाल उठाए।
रजनी तिवारी कौन हैं?
रजनी तिवारी उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेत्री हैं और राज्य सरकार में मंत्री पद पर कार्यरत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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