क्या उद्धव ठाकरे अनावश्यक बयानबाजी और आपत्ति जताते हैं? : राजू वाघमारे

सारांश
Key Takeaways
- उद्धव ठाकरे की बयानबाजी पर राजू वाघमारे का पलटवार।
- एशिया कप एक महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है।
- राजू वाघमारे ने 'वोट चोरी' पर सवाल उठाए।
- राजनीति में अनावश्यक बयानबाजी से बचने की जरूरत है।
- मतदाता सूची में सुधार की आवश्यकता।
मुंबई, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे द्वारा एशिया कप पर दिए गए बयान पर राजू वाघमारे ने तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे को अनावश्यक बयान देने और आपत्ति जताने का शौक है।
राजू वाघमारे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मेरे अनुसार उद्धव ठाकरे को अनावश्यक बयानबाजी और आपत्ति जताने में मजा आता है। यह एक महत्वपूर्ण एशियाई टूर्नामेंट है, जिसमें कई देशों की टीमें भाग लेती हैं और हमें खेलना चाहिए। यह नहीं कहना चाहिए कि भारत और पाकिस्तान खेल रहे हैं। यदि ऐसा होता और हमने इसकी पहल की होती, तो यह गलत होता। पाकिस्तान हमेशा से भारतऑपरेशन सिंदूर के सफल होने के बाद सवाल उठाने वाले पहले व्यक्ति उद्धव ठाकरे थे। वे किस देश प्रेम की बात कर रहे हैं? इस खेल को लेकर केंद्र सरकार ने फैसला लिया है, और एशिया कप होने में अभी समय है। इसलिए, अभी से बयानबाजी करना गलत है।
शिवसेना नेता राजू वाघमारे ने उद्धव ठाकरे के 'वोट चोरी' संबंधी बयान पर कहा कि ऐसा होना संभव नहीं है। न राहुल गांधी और न ही उद्धव ठाकरे यह साबित कर सकते हैं कि किसी ने किसे वोट दिया। कोई भी ऐसा नहीं कह सकता, इसलिए इस तरह की चोरी संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि हर मतदाता सूची में अक्सर गलतियाँ होती हैं, जैसे मृत लोगों के नाम नहीं हटाए जाते या जब कोई अपना निवास स्थान बदलता है, तब उसका नाम पुराने पते पर ही रहता है। इस प्रकार 'वोट चोरी' शब्द लागू नहीं होता है। हमें कहना चाहिए कि मतदाता सूची में गड़बड़ी है। मतदाता सूची को सुधारना आवश्यक है। राहुल गांधी फेक नैरेटिव फैलाने में माहिर हैं। कर्नाटक में कांग्रेसठाकरे के उम्मीदवार चुने गए हैं, वहां भी ऐसे कितने उदाहरण मिल जाएंगे।