क्या राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर बहस फिर से शुरू होगी?

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क्या राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर बहस फिर से शुरू होगी?

सारांश

राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर जारी बहस गुरुवार को स्थगित कर दी गई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को दोपहर 1 बजे फिर से चर्चा शुरू होने की घोषणा की। इस मुद्दे पर गर्मागर्म बहस की उम्मीद है, जिसमें दोनों पक्षों के विचार सामने आएंगे।

मुख्य बातें

चुनाव सुधारों पर बहस स्थगित हुई।
शुक्रवार को प्राइवेट मेंबर्स बिल के कारण चर्चा नहीं होगी।
सोमवार को 1 बजे फिर से चर्चा शुरू होगी।
विपक्षी सदस्यों ने मतदाता पहचान के मुद्दों पर चिंता जताई।
सत्ताधारी पार्टी ने चुनावी प्रणाली का बचाव किया।

नई दिल्ली, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर चल रही बहस गुरुवार को स्थगित कर दी गई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि बाकी चर्चा सोमवार को दोपहर 1 बजे होगी।

यह निर्णय संसद में होने वाली प्रार्थना सभा को ध्यान में रखते हुए लिया गया, जिसके कारण सदस्यों को अपनी बात बीच में ही रोकनी पड़ी। किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि कई सदस्यों ने इस मुद्दे पर पहले ही बात की थी, लेकिन तय समय में बहस पूरी नहीं हो सकी।

उन्होंने कहा कि सांसदों को प्रार्थना सभा में हिस्सा लेना है, इसलिए चुनाव सुधारों पर बाकी चर्चा सोमवार को दोपहर 1 बजे होगी और सदस्यों से सोमवार को फिर से इकट्ठा होने का अनुरोध किया। चुनाव सुधारों पर चर्चा शुक्रवार को नहीं होगी, क्योंकि यह दिन प्राइवेट मेंबर्स बिल के लिए निर्धारित है।

इसके बाद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने शाम 4 बजे सदन को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

चुनाव सुधारों पर बहस मौजूदा सत्र की सबसे गर्म चर्चाओं में से एक रही है, जिसमें विपक्षी सांसदों ने मतदाताओं के नाम हटाने, चुनावी सूचियों में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त की है।

आप सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता अजय माकन और जयराम रमेश, और भाजपा सांसदों में सुधांशु त्रिवेदी और जेपी नड्डा ने इस पर अपने विचार प्रकट किए हैं और भारत के लोकतंत्र की स्थिति पर विभिन्न दृष्टिकोण पेश किए हैं।

विपक्षी सदस्यों ने मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाने, मतदान के आंकड़ों में विसंगतियों और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, वहीं सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने भारत की चुनावी प्रणाली की मजबूती का बचाव किया है और ईवीएम, वोटर आईडी और सीसीटीवी निगरानी जैसे तकनीकी सुरक्षा उपायों का हवाला दिया है।

बहस को फिर से शेड्यूल करके, किरेन रिजिजू यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि जिन सदस्यों ने नोटिस दिए थे और अपनी बात रखने की तैयारी की थी, उन्हें अपने विचार पेश करने के लिए पर्याप्त समय मिले।

सोमवार के सत्र में और भी गर्मागर्म बहस होने की संभावना है, जिसमें दोनों पक्ष चुनावी निष्पक्षता, सुधारों और संवैधानिक अधिकारियों की भूमिका पर अपने तर्कों को और मजबूत करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि चुनाव सुधारों पर यह बहस हमारे लोकतंत्र की दिशा को प्रभावित कर सकती है। सभी दलों के सांसदों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि एक स्वस्थ संवाद हो सके।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर बहस क्यों स्थगित की गई?
यह स्थगन प्रार्थना सभा के कारण हुआ, जिससे सदस्यों को अपनी बात रोकनी पड़ी।
चर्चा कब फिर से शुरू होगी?
बातचीत सोमवार, 1 बजे फिर से शुरू होगी।
इस बहस में कौन-कौन से नेता शामिल हैं?
आप सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता अजय माकन और भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी इस बहस में शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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