PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल बोले — 'सुशासन और सेवा का अद्वितीय संगम'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर 7 अक्टूबर 2026 को राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उत्सव का माहौल रहा। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय करार दिया, जबकि उत्तर प्रदेश के योगी कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने विपक्ष को पीएम मोदी के नेतृत्व से सबक लेने की सलाह दी।
मित्तल का संदेश: सेवा, सुशासन और विकास का त्रिकोण
राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के बतौर सीएम और पीएम 25 साल पूरे हुए हैं, उसके लिए उन्हें बधाई। पूरे देशवासियों को बधाई कि उन्होंने पीएम मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में चुना।' उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और विकास — इन तीन तत्वों का जो संगम मोदी के नेतृत्व में देश को मिल रहा है, वह अद्वितीय है।
मित्तल ने यह भी रेखांकित किया कि 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में मोदी का नेतृत्व और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उनके अनुसार, पीएम मोदी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचते हैं और 'सेवा के माध्यम से विकास' उनकी शासन-दृष्टि का मूल है।
इंडिया गेट पर सर्वधर्म समारोह का आयोजन
राज्यसभा सांसद मित्तल ने बताया कि इंडिया गेट पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विकास और सुशासन पर चर्चा के साथ-साथ देश के सभी प्रमुख धर्मों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित होकर पीएम मोदी को शुभकामनाएँ देंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन 'विकसित भारत' की परिकल्पना को और मज़बूत करेगा।
उन्होंने 'विकसित भारत' को एक व्यापक अवधारणा बताया जिसमें उद्योग, सामाजिक न्याय, कानून व्यवस्था, कृषि, अर्थव्यवस्था और भारत की विदेश नीति — सभी समाहित हैं। उनके अनुसार भारत की विदेश नीति को आज पूरी दुनिया मान्यता देती है और देश अपनी सुरक्षा के मामले में किसी से भी समझौता नहीं करेगा।
मनोज पांडे की विपक्ष पर तीखी टिप्पणी
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने 'सेवा ज्योति यात्रा' कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि यह केवल एक पार्टी का आयोजन नहीं, बल्कि देश के 130 करोड़ लोगों के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने पीएम मोदी के 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को सेवा और समर्पण की मिसाल बताया।
पांडे ने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने 55 साल के शासनकाल पर आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक ऐसे नेता हैं जिनका अपना कुछ नहीं है — देश और देश के लोग ही उनके जीवन का दर्शन हैं।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक प्रभाव
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) 'सेवा ज्योति यात्रा' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पीएम मोदी की शासन-विरासत को व्यापक रूप से रेखांकित कर रही है। गौरतलब है कि मोदी ने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया था और 2014 से देश के प्रधानमंत्री हैं।
इस 25 वर्षीय यात्रा में गुजरात में बुनियादी ढाँचे का विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर कई नीतिगत पहलें शामिल रही हैं। आलोचकों का कहना है कि इन उपलब्धियों की विस्तृत और स्वतंत्र समीक्षा भी आवश्यक है, जबकि सत्तारूढ़ दल का तर्क है कि नीतिगत परिणाम खुद ही बोलते हैं।