क्या विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग केसरिया के विराट रामायण मंदिर पहुंचा? रामनाथ कोविंद ने दी बधाई
सारांश
Key Takeaways
- विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग चंपारण के केसरिया में पहुँचा।
- पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
- यह भारत की आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
- समारोह 17 जनवरी को होगा।
- बिहार की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक पटल पर मजबूत करेगा।
पटना, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को एक वीडियो संदेश के माध्यम से बिहार के चंपारण में स्थित केसरिया के विराट रामायण मंदिर परिसर तक विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग के पहुँचने पर हर्ष और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह भारत की आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, और सामूहिक संकल्प की शक्ति का अद्भुत प्रतीक है।
अपने संदेश में उन्होंने कहा, "प्रिय बहनों और भाइयों, यह मेरे लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग चंपारण के केसरिया में स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में पहुँच चुका है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि हमारी आध्यात्मिक आस्था का एक अद्भुत प्रतीक है, और यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक संकल्प की शक्ति का स्मरण कराती है।"
इस अवसर पर स्वर्गीय आचार्य किशोर कुणाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी याद है जब आचार्य किशोर कुणाल ने इस भव्य प्रकल्प के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि आचार्य का जो संकल्प था, वह आज साकार हो रहा है। वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जहां भी होंगे, इस प्रकल्प को पूर्ण होते देखकर प्रसन्न होंगे और इसके लिए अपना आशीर्वाद भी देंगे।
पूर्व राष्ट्रपति ने इस असाधारण उपलब्धि के लिए महावीर मंदिर न्यास के सचिव सायन कुणाल के कुशल नेतृत्व में कार्यरत पूरी टीम को हृदय से बधाई दी। उन्होंने 17 जनवरी को प्रस्तावित शास्त्र लिंग स्थापना, हवन एवं पीठ पूजन समारोह के सफल आयोजन के लिए भी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
पूर्व राष्ट्रपति ने बिहार की जनता को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक पटल पर सुदृढ़ करेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने 'धन्यवाद' और 'जय हिंद' कहा।