11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या रामपुर एनकाउंटर में कुख्यात जुबैर कुरैशी को मार गिराया गया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या रामपुर एनकाउंटर में कुख्यात जुबैर कुरैशी को मार गिराया गया?

सारांश

रामपुर में यूपी एसटीएफ ने कुख्यात पशु तस्कर जुबैर कुरैशी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। जुबैर पर 18 से अधिक गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे। इस कार्रवाई ने पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क को झटका दिया है। जानिए इस एनकाउंटर के पीछे की कहानी और उसकी विस्तृत जानकारी।

मुख्य बातें

जुबैर कुरैशी का एनकाउंटर एक महत्वपूर्ण पुलिस कार्रवाई है।
उस पर 18 से अधिक गंभीर अपराधों के मामले थे।
एनकाउंटर ने पशु तस्करी के नेटवर्क को प्रभावित किया है।

रामपुर, 27 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में यूपी एसटीएफ ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। गोरखपुर के एनईटी छात्र दीपक गुप्ता हत्या मामले का मुख्य आरोपी और कुख्यात पशु तस्कर जुबैर कुरैशी जिसे कालिया के नाम से भी जाना जाता है, एनकाउंटर में ढेर हो गया। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र ने बताया कि आरोपी पहले से कई अपराधों में वांछित था और उस पर अनेक मुकदमे चल रहे थे।

घटना पूरी रात शुक्रवार को चाकू चौक से मंडी मार्ग पर गंज थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस अधीक्षक ने बताया, "जुबैर पर रामपुर, बलरामपुर, गोंडा और गोरखपुर जिलों में कुल 18 से अधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें गौहत्या, पशु क्रूरता, हत्या का प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। उसके सिर पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित था।"

उन्होंने कहा, "एनकाउंटर के दौरान जुबैर ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। गोली लगने से घायल जुबैर को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब उसका पोस्टमार्टम पुलिस की कड़ी सुरक्षा में किया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।"

पुलिस ने बताया कि इस मुठभेड़ में एसआई राहुल जादौन और कांस्टेबल संदीप कुमार भी घायल हो गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। जुबैर लंबे समय से फरार था और पूर्वी यूपी में छिपा हुआ था। इस एनकाउंटर से पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क को झटका लगा है। गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में 16 सितंबर को दीपक गुप्ता की हत्या में जुबैर मुख्य आरोपी था, जो पशु चोरों को रोकने की कोशिश में मारा गया था।

इसके अलावा, यूपी में 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद भी गहराता जा रहा है। रामपुर पुलिस इस विवाद के मद्देनजर हाई अलर्ट पर है। एसपी विद्यासागर मिश्र ने सख्त लहजे में कहा कि जिले में किसी को भी जुलूस निकालने या पोस्टर लगाने की इजाजत नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी किसी भी हरकत पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, "रामपुर में अमन-शांति बनाए रखें। कोई भी ऐसी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस की इस कार्रवाई को तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हम सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून का शासन स्थापित हो और अपराधियों को उनके कार्यों का उचित जवाब मिले।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुबैर कुरैशी कौन था?
जुबैर कुरैशी एक कुख्यात पशु तस्कर था, जिन पर 18 से अधिक गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे।
रामपुर एनकाउंटर कब हुआ?
रामपुर एनकाउंटर 27 सितंबर 2023 को हुआ।
जुबैर को किस मामले में एनकाउंटर के दौरान मारा गया?
जुबैर को गोरखपुर के एनईटी छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड में मुख्य आरोपी होने के नाते एनकाउंटर में मारा गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले