क्या रांची रिम्स में बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं की जा रही?
सारांश
Key Takeaways
- हाईकोर्ट ने रिम्स की व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की।
- बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
- रिम्स को अगली सुनवाई में जानकारी प्रस्तुत करनी है।
रांची, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जो कि रांची स्थित रिम्स है, में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए उचित इंतजाम न किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। इस मामले में झारखंड ह्यूमन राइट कनफेडरेशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) के उत्तर पर असंतोष प्रकट किया।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण से संबंधित पहले दिए गए निर्देशों का पालन रिम्स द्वारा अब तक नहीं किया गया है। कोर्ट ने रिम्स के निदेशक को आदेश दिया कि बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने के संबंध में अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी अगली सुनवाई में शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत करें। इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को निर्धारित की गई है।
इससे पहले याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि रिम्स में बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल मैनेजमेंट के लिए नया टेंडर अब तक अंतिम रूप में नहीं आया है। वहीं, रिम्स की ओर से यह कहा गया कि टेंडर प्रक्रिया जारी है।
रिम्स ने अपने उत्तर में कोर्ट को जानकारी दी थी कि बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल मैनेजमेंट के लिए नया टेंडर निकाला गया है और संबंधित कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। रिम्स में ठोस और सूखे कचरे के साथ-साथ बायोमेडिकल वेस्ट सहित सभी प्रकार के कचरे के निष्पादन की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे पहले रिम्स परिसर में जगह-जगह कचरा फेंके जाने को लेकर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और कचरा निस्तारण की स्थिति पर जवाब मांगा था।
याचिकाकर्ता ने अपनी जनहित याचिका में राज्य में एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल मैनेजमेंट नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि राज्य के अस्पतालों, क्लीनिकों और नर्सिंग होम से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए। इसके लिए बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट एवं हैंडलिंग नियमों को झारखंड में सख्ती से लागू करना आवश्यक है।