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क्या आरबीआई एमपीसी के फैसले ने शेयर बाजार को संजीवनी दी?

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क्या आरबीआई एमपीसी के फैसले ने शेयर बाजार को संजीवनी दी?

सारांश

आरबीआई एमपीसी के हालिया निर्णयों के बाद भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार उछाल देखा। जानिए कैसे इन नीतियों ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया और कौन से शेयरों ने सबसे अधिक लाभ उठाया।

मुख्य बातें

आरबीआई ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है।
शेयर बाजार में तेजी के मुख्य कारणों में निजी बैंकों में खरीदारी है।
सेंसेक्स और निफ्टी ने महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है।
बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक तेजी आई है।
पीएसयू बैंकों में मुनाफावसूली हुई है।

मुंबई, 1 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार के कारोबारी सत्र में उल्लेखनीय तेजी के साथ समापन किया। आरबीआई एमपीसी के निर्णयों की घोषणा के बाद सभी सूचकांकों में खरीदारी का माहौल बना।

कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 715.69 अंक या 0.89 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 80,983.31 पर और निफ्टी 225.20 अंक या 0.92 प्रतिशत चढ़कर 24,836.30 पर बंद हुआ।

बैंकिंग शेयरों ने बाजार का नेतृत्व किया। निफ्टी बैंक 712.10 अंक या 1.30 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 55,347.95 पर बंद हुआ। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (1.38 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (1.30 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.72 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.85 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (0.74 प्रतिशत), और निफ्टी मेटल (0.55 प्रतिशत) के साथ बंद हुए। केवल निफ्टी पीएसयू बैंक (0.37 प्रतिशत) में गिरावट आई।

सेंसेक्स पैक में टाटा मोटर्स, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, सन फार्मा, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, अदाणी पोर्ट्स, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, इटरनल (जोमैटो), टाइटन, एचयूएल, और बीईएल प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं, बजाज फाइनेंस, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, और मारुति सुजुकी प्रमुख लूजर्स रहे।

एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, आरबीआई ने अक्टूबर की मौद्रिक नीति में ब्याज दर को स्थिरसेंटिमेंट को बूस्ट किया है। इसके चलते निजी क्षेत्र के बैंकों में मजबूत खरीदारी देखी गई। हालांकि, पीएसयू बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली हुई।

केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.50 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। साथ ही, मौद्रिक नीति का रुख 'न्यूट्रल' बना हुआ है।

रेपो रेट के अलावा, केंद्रीय बैंक ने स्टैंडिग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) को 5.75 प्रतिशत पर स्थिर रखा है।

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भी तेजी के साथ हुई। सुबह 9:23 पर सेंसेक्स 51 अंक या 0.06 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 80,319 और निफ्टी 23 अंक या 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,635 पर था।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें इस बात को समझना चाहिए कि आरबीआई की नीतियों का प्रभाव केवल बाजार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। यह आवश्यक है कि हम इन निर्णयों का गहराई से विश्लेषण करें और उनके संभावित प्रभावों को समझें।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई एमपीसी का क्या अर्थ है?
आरबीआई एमपीसी का अर्थ है भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति, जो आर्थिक स्थिरता के लिए नीतियों का निर्धारण करती है।
क्या शेयर बाजार में तेजी का मतलब हमेशा अच्छा होता है?
हां, आमतौर पर शेयर बाजार में तेजी का मतलब निवेशकों का विश्वास बढ़ना और आर्थिक स्थिति का सुधार होना है।
आरबीआई की नीतियों का शेयर बाजार पर क्या प्रभाव होता है?
आरबीआई की नीतियाँ जैसे ब्याज दरों में परिवर्तन शेयर बाजार पर गहरा प्रभाव डालती हैं, जिससे निवेशकों के मनोबल में बदलाव आता है।
राष्ट्र प्रेस
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