क्या वैश्विक घटनाक्रमों के बीच आरबीआई एमपीसी की अगली बैठक में दरों में कटौती की संभावना है?

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क्या वैश्विक घटनाक्रमों के बीच आरबीआई एमपीसी की अगली बैठक में दरों में कटौती की संभावना है?

सारांश

मॉर्गन स्टेनली की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई की अगली एमपीसी बैठक में दर कटौती की संभावना है, जो मौद्रिक नीति और वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। जानिए इसके पीछे के कारण और आरबीआई के वर्तमान रुख के बारे में।

मुख्य बातें

आरबीआई ने नीतिगत दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा है।
अक्टूबर में दर कटौती की संभावना है।
मुद्रास्फीति के आंकड़ों में सुधार हुआ है।
घरेलू मांग में मजबूती बनी हुई है।
बाहरी मांग के चलते आरबीआई सतर्क है।

नई दिल्ली, 6 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मॉर्गन स्टेनली ने बुधवार को जानकारी दी कि आरबीआई की चौथी तिमाही की बैठक में, टैरिफ से जुड़े मुद्दों के चलते, अक्टूबर में एक और दर कटौती की संभावना है।

सर्वसम्मति से आरबीआई एमपीसी ने नीतिगत दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा। सभी सदस्यों ने तटस्थ रुख बनाए रखने के लिए मतदान किया।

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, "नीति वक्तव्य में कहा गया है कि हेडलाइन मुद्रास्फीति के आंकड़ों में सौम्य प्रवृत्ति अस्थायी हो सकती है, जो खाद्य कीमतों में कमी के कारण है। विकास दर अपेक्षित स्तर पर बनी हुई है और पिछले दरों में कटौती का प्रभाव भी जारी है।"

घरेलू मांग में मजबूती के चलते, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने जीडीपी पूर्वानुमान को 6.5 प्रतिशत पर बनाए रखा है।

बाहरी मांग के संदर्भ में चल रही टैरिफ वार्ताओं और भू-राजनीतिक तनावों के कारण आरबीआई सतर्क बना हुआ है।

मुद्रास्फीति के संदर्भ में, आरबीआई ने वित्त वर्ष 26 के लिए अपने मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) अनुमानों को 3.7 प्रतिशत से घटाकर 3.1 प्रतिशत कर दिया है।

वैश्विक वित्तीय संस्थान के अनुसार, "हेडलाइन मुद्रास्फीति का अनुकूल परिदृश्य कम खाद्य मुद्रास्फीति से प्रेरित है।"

एमपीसी ने निर्णय लिया कि वर्तमान आर्थिक स्थितियों के चलते, रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखने की आवश्यकता है।

एमपीसी ने उपयुक्त मौद्रिक नीति मार्ग को निर्धारित करने के लिए आने वाले आंकड़ों पर कड़ी निगरानी का संकल्प लिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, उच्च-आवृत्ति वृद्धि संकेतक, हेडलाइन मुद्रास्फीति ट्रेजेक्टरी और व्यापार-सौदे से संबंधित घटनाक्रम पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

वैश्विक घटनाक्रमों के चलते, हमें सतर्क रहना होगा और नीतियों में आवश्यक बदलाव को समझना होगा। यह देश की आर्थिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई एमपीसी बैठक में दर कटौती की संभावना क्यों है?
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, वैश्विक घटनाक्रमों और घरेलू मांग में मजबूती के चलते दरों में कटौती की संभावना है।
आरबीआई ने जीडीपी पूर्वानुमान को क्यों बनाए रखा है?
घरेलू मांग में मजबूती के कारण, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी पूर्वानुमान को 6.5 प्रतिशत पर बनाए रखा है।
मुद्रास्फीति के आंकड़ों में क्या बदलाव हुआ है?
आरबीआई ने वित्त वर्ष 26 के लिए सीपीआई अनुमानों को 3.7 प्रतिशत से घटाकर 3.1 प्रतिशत किया है।
राष्ट्र प्रेस