दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कोलकाता रोडशो में टीएमसी पर स्ट्रीटलाइटें बंद करने का आरोप लगाया
सारांश
Key Takeaways
- रेखा गुप्ता ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए।
- कोलकाता में स्ट्रीटलाइटें जान-बूझकर बंद की गईं।
- महिलाओं की सुरक्षा पर टीएमसी का रिकॉर्ड कमजोर है।
- भाजपा का समर्थन बढ़ रहा है।
- चुनावी माहौल में तनाव बढ़ सकता है।
कोलकाता, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने जान-बूझकर कोलकाता में उनके रोडशो के दौरान एक क्षेत्र की स्ट्रीटलाइटें बंद कर दीं। उनका कहना है कि यह कदम उनके चुनाव प्रचार में बाधा डालने और भाजपा के समर्थन में जुटे हजारों लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए उठाया गया।
अंधेरे में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "जिन्हें मुझे प्रचार करने से रोकने के लिए सभी स्ट्रीटलाइटें बंद कर दी गई हैं। अगर आज इन गलियों में कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी टीएमसी सरकार, उनके गुंडों और प्रशासन की होगी।"
उन्होंने आगे कहा कि यहां हजारों लोग मौजूद हैं और सभी स्ट्रीटलाइटें बंद कर दी गई हैं। यदि सुरक्षा में कोई चूक होती है, तो इसकी जिम्मेदारी ममता दीदी पर होगी।
भाजपा की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए सीएम ने कहा कि लोग देख रहे हैं कि जनता किस तरह हमारे उम्मीदवारों को समर्थन दे रही है। इस बार बंगाल में भाजपा निश्चित रूप से सत्ता में आएगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मामले में टीएमसी के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने न तो महिलाओं को सुरक्षा दी है और न ही उन्हें सम्मान दिया है। वर्तमान में बंगाल की महिलाओं में डर और दहशत का माहौल है। हमें कैसे भूलना चाहिए जब ममता बनर्जी ने कहा था कि 'रात में बाहर जाने की क्या जरूरत है?'
सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि जिस तरह से टीएमसी और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के साथ व्यवहार किया है, वह अन्यायपूर्ण रहा है। पिछले 15 वर्षों से बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार निरंतर हो रहे हैं।
रोडशो में भारी संख्या में लोग शामिल हुए, जिसे मुख्यमंत्री ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और सुशासन के विजन के पक्ष में बदलती राजनीतिक हवा का स्पष्ट संकेत बताया।