9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रेखा ने 'उमराव जान' के लिए नहीं ली थी एक भी फीस, निर्देशक मुजफ्फर अली ने खोला राज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रेखा ने 'उमराव जान' के लिए नहीं ली थी एक भी फीस, निर्देशक मुजफ्फर अली ने खोला राज

सारांश

रेखा ने 'उमराव जान' के लिए एक रुपए भी नहीं लिए थे — क्योंकि किरदार उनके दिल को छू गया था। निर्देशक मुजफ्फर अली का वादा था कि फीस नहीं दूंगा, पर अमर कर दूंगा। राष्ट्रीय पुरस्कार ने वह वादा सच कर दिखाया।

मुख्य बातें

अभिनेत्री रेखा ने 1981 की फिल्म 'उमराव जान' के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया था।
निर्देशक मुजफ्फर अली ने जून 2025 में फिल्म की री-रिलीज के दौरान दिए इंटरव्यू में यह किस्सा साझा किया।
रेखा ने किरदार की तैयारी के लिए शूटिंग से करीब एक साल पहले शायरी पर काम शुरू कर दिया था।
फिल्म के लिए रेखा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
फिल्म मिर्जा हादी रुसवा के 1899 के उर्दू उपन्यास 'उमराव जान अदा' पर आधारित थी; संगीत खय्याम का था, आवाज आशा भोसले की।

अभिनेत्री रेखा और 1981 में रिलीज हुई फिल्म 'उमराव जान' का रिश्ता महज एक अभिनेत्री और उसकी भूमिका का नहीं, बल्कि एक कलाकार और उसके जुनून का रिश्ता है। यही वजह है कि रेखा ने इस कालजयी फिल्म के लिए एक रुपए भी पारिश्रमिक नहीं लिया था — यह खुलासा खुद फिल्म के निर्देशक मुजफ्फर अली ने किया था। जून 2025 में फिल्म की री-रिलीज के अवसर पर दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस दिलचस्प किस्से को साझा किया।

कैसे हुई रेखा की एंट्री

मुजफ्फर अली के अनुसार, 'उमराव जान' के किरदार के लिए रेखा उनकी पहली और एकमात्र पसंद थीं। वह अपनी पत्नी सुभाषिनी के साथ रेखा की माँ से मिलने पहुँचे और सीधे बता दिया कि वह फिल्म बनाना चाहते हैं, लेकिन पारिश्रमिक देने में असमर्थ हैं। जब रेखा घर लौटीं तो माँ ने उनके सामने यह बात रखी। रेखा ने कहानी सुनने के लिए निर्देशक से मुलाकात की और कहानी की गहराई में यों खो गईं कि फीस का सवाल ही नहीं उठा।

मुजफ्फर अली ने रेखा से कहा था — 'मैं तुम्हें फीस तो नहीं दे पाऊंगा, लेकिन इस फिल्म से तुम्हें अमर कर दूंगा।' निर्देशक का वह वादा सच साबित हुआ। रेखा को इस भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

रेखा की तैयारी और शायरी का सफर

निर्देशक ने बताया कि रेखा ने 'उमराव जान' के किरदार में ढलने के लिए शायरी पर विशेष ध्यान दिया। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से करीब एक साल पहले ही शायरी पर काम शुरू हो गया था। कविता और शायरी के जरिए उन्होंने किरदार की आंतरिक भावनाओं को समझा। उनकी अदायगी, संवाद बोलने का ढंग और चेहरे के सूक्ष्म भाव इसी गहन तैयारी का परिणाम थे।

मुजफ्फर अली ने कहा, 'रेखा की आंखों में एक खास तरह की गहराई थी। वह एक ही पल में टूटने और फिर संभलने वाले भावों को अपने चेहरे पर उतार सकती हैं। इसी वजह से इस किरदार के लिए उन्हें चुना गया।'

किरदार और फिल्म की पृष्ठभूमि

फिल्म में रेखा ने अमीरन का किरदार निभाया, जो हालात के थपेड़ों से उमराव जान बन जाती है। उसकी जिंदगी दर्द, मोहब्बत, तन्हाई और शायरी के रंगों से बुनी है — और उसी के जरिए वह अपनी पहचान कायम करती है।

'उमराव जान' मशहूर उर्दू लेखक मिर्जा हादी रुसवा के 1899 में प्रकाशित उपन्यास 'उमराव जान अदा' पर आधारित थी। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, फारूक शेख और राज बब्बर भी प्रमुख भूमिकाओं में थे। संगीत खय्याम ने तैयार किया था और गानों को आवाज आशा भोसले ने दी थी।

आज भी अमर है यह किरदार

चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जब 'उमराव जान' का जिक्र होता है तो रेखा का चेहरा स्वतः सामने आ जाता है। जून 2025 में फिल्म की री-रिलीज ने एक बार फिर इस क्लासिक को नई पीढ़ी के दर्शकों तक पहुँचाया और साबित किया कि श्रेष्ठ कला समय की सीमाओं को पार कर जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अनुबंध से बड़ी होती थी। गौरतलब है कि आज के दौर में जब स्टार फीस सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन चुकी है, रेखा का यह फैसला उस संवेदनशील रिश्ते की मिसाल है जो किरदार और कलाकार के बीच बनता है। मुजफ्फर अली का वादा — 'अमर कर दूंगा' — केवल भावनात्मक नहीं था; राष्ट्रीय पुरस्कार ने उसे संस्थागत रूप से सच कर दिखाया।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेखा ने 'उमराव जान' के लिए फीस क्यों नहीं ली?
निर्देशक मुजफ्फर अली के अनुसार, रेखा का दिल 'उमराव जान' के किरदार पर आ गया था और वह इसके लिए कोई कीमत तय नहीं करना चाहती थीं। मुजफ्फर अली ने खुद उनसे कहा था कि वह फीस नहीं दे पाएंगे, लेकिन इस फिल्म से उन्हें अमर कर देंगे।
मुजफ्फर अली ने यह किस्सा कब बताया था?
निर्देशक मुजफ्फर अली ने यह किस्सा जून 2025 में फिल्म 'उमराव जान' की री-रिलीज के अवसर पर दिए एक इंटरव्यू में साझा किया था।
रेखा को 'उमराव जान' के लिए कौन-सा पुरस्कार मिला था?
रेखा को 'उमराव जान' में अपने अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था, जो हिंदी सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
'उमराव जान' फिल्म किस पर आधारित थी?
फिल्म 'उमराव जान' मिर्जा हादी रुसवा के 1899 में प्रकाशित उर्दू उपन्यास 'उमराव जान अदा' पर आधारित थी। इसमें नसीरुद्दीन शाह, फारूक शेख और राज बब्बर भी प्रमुख भूमिकाओं में थे; संगीत खय्याम का था और गाने आशा भोसले ने गाए थे।
रेखा ने 'उमराव जान' के किरदार की तैयारी कैसे की थी?
मुजफ्फर अली के अनुसार, रेखा ने फिल्म की शूटिंग शुरू होने से करीब एक साल पहले ही शायरी पर काम शुरू कर दिया था। कविता और शायरी के जरिए उन्होंने किरदार की भावनाओं को गहराई से समझा, जिसका असर उनकी अदायगी और चेहरे के भावों में साफ दिखा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले