क्या सिंगर शिबानी कश्यप 'रेड सी फिल्म फेस्टिवल' में परफॉर्म करने के लिए उत्साहित हैं?
सारांश
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मुंबई, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय गायक शिबानी कश्यप ने 'रेड सी फिल्म फेस्टिवल' में 'उमराव जान' को सम्मानित करने और भारत की आवाज को वैश्विक स्तर पर फैलाने के अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने कहा कि बचपन से ही फिल्म उमराव जान उनकी पसंदीदा रही है, और रेखा के सामने गाना उनके लिए गर्व का विषय है।
इस फिल्म महोत्सव में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने पर खुशी जाहिर करते हुए शिबानी ने कहा, "यह मेरे लिए बेहद गर्व की बात है क्योंकि मैं अपनी संस्कृति का प्रतिनिधित्व एक वैश्विक मंच पर कर रही हूं। वहां मुझे सिनेमा, संगीत जगत और राजनयिकों से बातचीत करने का मौका मिलेगा।"
जेद्दा में अपनी परफॉर्मेंस के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस मंच पर उन्हें अपने गाने और भारतीय क्लासिकल संगीत का प्रदर्शन करने का अद्भुत मौका मिला है। रेखा और मुजफ्फर अली के साथ इस साल 'उमराव जान' का शोकेस हो रहा है। वह 'उमराव जान' के दो प्रसिद्ध गाने "दिल चीज क्या है" और "इन आंखों की मस्ती के" गाने की योजना बना रही हैं। वह बहुत उत्साहित हैं क्योंकि 'उमराव जान' उनकी बचपन की पसंदीदा फिल्म है।
रेखा और मुज़फ्फर अली के सामने परफॉर्म करते समय किसी तरह का दबाव महसूस करने पर उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक आशीर्वाद जैसा है। वह कहती हैं, "मैं मुज़फ्फर अली को अच्छी तरह जानती हूं, क्योंकि उनके बेटे मुराद अली मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। मुझे खुशी है कि मैं उन्हें सम्मान दे पाऊंगी, लेकिन हां, मैं थोड़ा नर्वस भी हूं।"
क्लासिकल और आज के संगीत के बीच बैलेंस बनाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि उनकी कलात्मक पहचान हमेशा समकालीन और क्लासिक का मिश्रण रही है। उन्हें हमेशा संगीत की विभिन्न शैलियों ने आकर्षित किया है और उनके संगीत में फ्यूजन का तत्व हमेशा मौजूद रहेगा। जल्द ही वह "दमादम मस्त कलंदर" और "छाप तिलक" गानों के जरिए कव्वाली के तत्व भी अपने गानों में शामिल करेंगी। उन्होंने बताया कि वह 8 दिसंबर को रेड सी फिल्म फेस्टिवल पर परफॉर्म करेंगी और 9 दिसंबर को बॉलीवुड को सम्मान देते हुए भारतीय समुदाय के लिए विशेष परफॉर्मेंस देंगी, जिसमें क्लासिकल और आज के संगीत दोनों की झलक होगी।