रेवंत रेड्डी के 'राम-शिव' बयान पर भाजपा का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी बोले— 'कांग्रेस हिंदू समाज को बाँटने में लगी'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 30 सितंबर 2026 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि 'राम अमीरों के और शिव गरीबों के भगवान हैं।' भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया कि कांग्रेस पूरी ताकत से हिंदू समाज को विभाजित करने के हर षड्यंत्र में संलिप्त है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 'नास्तिक' बताते हुए पार्टी पर वर्गीय, क्षेत्रीय और धार्मिक आधार पर समाज को तोड़ने का आरोप मढ़ा।
मुख्य आरोप और बयान
त्रिवेदी ने कहा, 'नास्तिक' राहुल गांधी ने 2014 के चुनाव में ईश्वर के नाम की शपथ ली थी, जबकि 2024 में उन्होंने अंग्रेज़ी में शपथ ली और ईश्वर का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जुबली हिल्स उपचुनाव में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने खुलकर कहा था कि 'कांग्रेस मतलब मुसलमान और मुसलमान मतलब कांग्रेस।' भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के बयान कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं।
उत्तर-दक्षिण विभाजन का आरोप
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर भारत को उत्तर और दक्षिण में बाँटने की कोशिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने कर्नाटक के वित्त मंत्री डीके सुरेश का वह बयान उद्धृत किया जिसमें कहा गया था कि 'दक्षिण अधिक कर देता है जबकि उत्तर कम।' उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के उस कथित कथन का भी हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि 'उत्तर भारत न होता तो दक्षिण बहुत आगे होता।' त्रिवेदी ने रेवंत रेड्डी के 'द्रविड़ बनाम आर्यन' वाले बयान को 'मूर्खतापूर्ण और निराधार सिद्धांत' करार दिया और कहा कि इसे पूरी दुनिया में नकारा जा चुका है।
धर्म, भाषा और जाति पर विभाजन के आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस का एजेंडा केवल धार्मिक विभाजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी भाषा और जाति के आधार पर भी समाज को तोड़ना चाहती है। उन्होंने रेवंत रेड्डी के बिहार और तेलंगाना के 'डीएनए' पर दिए गए पुराने बयान का भी जिक्र किया। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को कांग्रेस के ही नेताओं— संपूर्णानंद और कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी— के विचारों को पढ़ना चाहिए।
महिला-पुरुष विभाजन और 'स्मैश पेट्रीआर्की' पर निशाना
त्रिवेदी ने राहुल गांधी के 'स्मैश पेट्रीआर्की' नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब केरल के ग्रैंड मुफ्ती ने कथित तौर पर कहा कि 'महिलाओं को तिजोरी में नेकलेस की तरह रखना चाहिए,' तब कांग्रेस नेता चुप रहे। उनके अनुसार, यह दोहरा रवैया दर्शाता है कि पितृसत्ता विरोध का यह नारा चुनिंदा रूप से केवल हिंदू समाज के लिए उठाया जाता है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे का संदर्भ
भाजपा के इस हमले पर अब तक कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज़ है और धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दे राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में केंद्र में हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी कांग्रेस नेता के धार्मिक बयान ने राजनीतिक विवाद खड़ा किया हो — आलोचकों का कहना है कि दोनों प्रमुख पार्टियाँ इस तरह के विवादों को चुनावी ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल करती हैं।