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रेवंत रेड्डी की 'गांधी परिवार बनाम संघ परिवार' टिप्पणी पर BJP और VHP का तीखा पलटवार

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रेवंत रेड्डी की 'गांधी परिवार बनाम संघ परिवार' टिप्पणी पर BJP और VHP का तीखा पलटवार

सारांश

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने भारतीय राजनीति को 'गांधी परिवार बनाम संघ परिवार' की लड़ाई बताया — और BJP-VHP ने इसे 'मानसिक दिवालियापन' करार देते हुए तत्काल पलटवार किया। यह विवाद कांग्रेस और BJP के बीच पहचान-राजनीति की जंग का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 25 सितंबर को केरल के नीलांबुर में कहा कि भारत की राजनीतिक लड़ाई 'गांधी परिवार' और 'संघ परिवार' के बीच है।
VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने रेड्डी की टिप्पणी को 'राष्ट्रविरोधी' बताते हुए उन पर जिहादी तुष्टीकरण का आरोप लगाया।
BJP सांसद तरुण चुघ ने इसे 'चापलूसी की पराकाष्ठा' बताया और रेड्डी पर 'भ्रष्ट आकाओं को खुश करने' का आरोप लगाया।
BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर कहा कि कांग्रेस का असली लक्ष्य 'गांधी-वड्रा परिवार को सत्ता में वापस लाना' है।
मुख्यमंत्री रेड्डी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की उस टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें रेड्डी ने भारत की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को 'संघ परिवार' और 'गांधी परिवार' के बीच की लड़ाई बताया था। दोनों संगठनों ने इसे 'मानसिक दिवालियापन' करार दिया।

रेवंत रेड्डी ने क्या कहा था

मुख्यमंत्री रेड्डी ने शुक्रवार, 25 सितंबर को केरल के नीलांबुर में प्रतिष्ठित आर्यदान मोहम्मद पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में दावा किया कि 'गांधी परिवार' देश के लिए बलिदानों का प्रतीक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'संघ परिवार' भारत को धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर विभाजित कर रहा है। यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल विवाद का केंद्र बन गया।

VHP की प्रतिक्रिया

VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये वही नेता हैं जिन्होंने चुनाव जीतने के लिए कथित तौर पर कहा था कि 'कांग्रेस मुसलमान है और मुसलमान कांग्रेस है।' बंसल ने आगे कहा कि जिहादी तुष्टीकरण के मामले में वे इतनी नीच हरकत पर उतर आए हैं कि संघ की तुलना राष्ट्रविरोधी संगठनों से करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि 'इस तरह की टिप्पणियाँ रेवंत रेड्डी को शोभा नहीं देतीं क्योंकि वे मुख्यमंत्री हैं।'

BJP सांसदों का हमला

BJP सांसद तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री रेड्डी की टिप्पणियों को सीधे तौर पर 'चापलूसी' बताया। चुघ ने कहा कि 'चापलूसी अब चरम सीमा पर पहुँच गई है।' उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने ये बातें अपने 'भ्रष्ट, निराश आकाओं' को खुश करने के लिए कही हैं। गांधी-नेहरू परिवार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 'इस बेहद भ्रष्ट परिवार की नीतियों ने भारत में नीतिगत गतिरोध पैदा किया' और RSS की तुलना ऐसे परिवार से करना 'घोर मानसिक दिवालियापन' है।

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने खुलेआम स्वीकार कर लिया है कि उनकी लड़ाई 'गांधी परिवार' को सत्ता में वापस लाने की है। उन्होंने लिखा, 'कांग्रेस पार्टी का असली उद्देश्य गांधी-वड्रा परिवार को सत्ता में वापस लाना है — कांग्रेस के लिए परिवार सर्वोपरि है, और केवल परिवार ही सर्वोपरि है।'

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और केंद्र की BJP सरकार के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। रेवंत रेड्डी की 'संघ परिवार बनाम गांधी परिवार' की फ्रेमिंग को BJP ने एक सुनियोजित 'नैरेटिव बिल्डिंग' का हिस्सा बताया है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की भाषा राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श को और ध्रुवीकृत करती है।

आगे क्या

मुख्यमंत्री रेड्डी की ओर से अभी तक BJP और VHP के आरोपों का कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयानबाज़ी से आने वाले दिनों में तेलंगाना और केंद्र के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ यह BJP को 'राष्ट्रवाद बनाम परिवारवाद' का वह नैरेटिव परोसता है जो वह वर्षों से भुना रही है। मुख्यधारा की कवरेज इस बहस को महज़ 'बयानबाज़ी' की तरह देखती है, जबकि असल सवाल यह है कि क्या तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की ज़मीनी उपलब्धियाँ इतनी कमज़ोर हैं कि नेतृत्व को पहचान-राजनीति पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेवंत रेड्डी ने 'गांधी परिवार बनाम संघ परिवार' वाला बयान कहाँ और क्यों दिया?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 25 सितंबर 2026 को केरल के नीलांबुर में आर्यदान मोहम्मद पुरस्कार समारोह के बाद यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा 'गांधी परिवार' और 'संघ परिवार' के बीच है और आरोप लगाया कि संघ परिवार देश को विभाजित कर रहा है।
BJP और VHP ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP और VHP ने इस बयान को 'मानसिक दिवालियापन' करार दिया। VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे राष्ट्रविरोधी बताया, जबकि BJP सांसद तरुण चुघ ने इसे 'चापलूसी' की संज्ञा दी। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर कहा कि कांग्रेस का असली एजेंडा गांधी-वड्रा परिवार को सत्ता में वापस लाना है।
क्या रेवंत रेड्डी ने BJP-VHP की आलोचना का जवाब दिया है?
26 सितंबर 2026 तक मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की ओर से BJP और VHP की आलोचना का कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।
VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने रेवंत रेड्डी के बारे में क्या पुराना बयान याद दिलाया?
बंसल ने दावा किया कि रेवंत रेड्डी ने पहले कथित तौर पर चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि 'कांग्रेस मुसलमान है और मुसलमान कांग्रेस है।' उन्होंने इस संदर्भ में रेड्डी पर जिहादी तुष्टीकरण का आरोप लगाया।
इस विवाद का तेलंगाना की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और केंद्र की BJP के बीच कई मुद्दों पर पहले से तनाव है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस तरह की बयानबाज़ी से राज्य और केंद्र के बीच राजनीतिक तनाव और गहरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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