भाजपा सांसद तरुण चुघ का कांग्रेस पर हमला: 'भारत देखना है तो इटली का चश्मा हटाइए'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तरुण चुघ ने 26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया, जिसमें रेड्डी ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। चुघ ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान उनकी 'मानसिक दिवालियापन' को उजागर करता है।
रेवंत रेड्डी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हाल ही में भाजपा और RSS पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें सांप्रदायिक ताकत करार दिया था और लोगों से कांग्रेस के साथ एकजुट होकर इन्हें हराने की अपील की थी। इसी बयान के जवाब में तरुण चुघ ने कहा कि 'चाटुकारिता अपनी चरम सीमा पर पहुँच गई है।' उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रेवंत रेड्डी कल तक किसी और परिवार की तारीफ करते थे, लेकिन अब कांग्रेस में शामिल होने के कुछ ही महीनों बाद गांधी परिवार के गुणगान में जुट गए हैं। चुघ ने यह भी कहा कि कांग्रेस में गांधी परिवार की प्रशंसा करने की होड़-सी लगी रहती है।
गांधी-नेहरू परिवार की RSS से तुलना पर आपत्ति
तरुण चुघ ने गांधी-नेहरू परिवार की नीतियों की तुलना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी तुलना करना पूरी तरह से 'मानसिक दिवालियापन' है। चुघ ने भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का हवाला देते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह हमेशा से इस परंपरा को अपमानित करने का प्रयास करती रही है।
सांस्कृतिक परंपराओं पर चुघ का बचाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने पर विपक्ष की आपत्ति को लेकर तरुण चुघ ने कहा कि दुनिया भर में भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विदेशों में भी युवा भजन और भारतीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों में गहरी रुचि ले रहे हैं। उन्होंने अपनी चर्चित टिप्पणी में कहा, 'भारत को देखने के लिए इटली का चश्मा हटाइए, तब भजन और भारत की संस्कृति में आनंद आएगा।'
पंजाब सरकार पर श्रमिक कल्याण फंड दुरुपयोग का आरोप
तरुण चुघ ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए निर्धारित फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। चुघ के अनुसार यह राशि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और पेंशन जैसी ज़रूरतों के लिए है, और यह राज्य सरकार के सामान्य बजट का हिस्सा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फंड का उपयोग आम आदमी पार्टी (AAP) को राजनीतिक फायदा पहुँचाने और नेताओं के लिए वाहवाही के अवसर बनाने के लिए किया जा रहा है।
न्यायालय और केंद्र के हस्तक्षेप का स्वागत
चुघ ने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय और केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के लिए वे आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं होता तो पंजाब सरकार इस फंड का उपयोग राजनीतिक लोकप्रियता बढ़ाने के लिए करती रहती। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र और पंजाब सरकार के बीच कई नीतिगत मुद्दों पर पहले से तनाव बना हुआ है।