अमेरिका यात्रा रोकी गई: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी बोले — '4 करोड़ लोगों का अपमान, केंद्र कर रहा राजनीतिक भेदभाव'
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 24 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका दौरे की अनुमति न दिया जाना तेलंगाना के 4 करोड़ लोगों का सीधा अपमान है। यूनाइटेड किंगडम से लौटने के बाद हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत केंद्र सरकार पर 'राजनीतिक भेदभाव' और संघवाद की भावना को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
क्या है पूरा मामला
रेवंत रेड्डी को 23 अगस्त को यूके से सीधे अमेरिका के एक सप्ताह के दौरे पर जाना था। उनके मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने विदेश मंत्रालय को यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए आधिकारिक पत्र भेजा था — जिसमें निवेश आकर्षण, विश्वविद्यालयों और खेल अकादमियों के साथ सहयोग, तथा 'तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट 2.0' (दिसंबर, हैदराबाद) के लिए निवेशकों को आमंत्रित करना शामिल था। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के संदेश में स्पष्ट रूप से 'राजनीतिक नज़रिए' से अनुमति न देने का उल्लेख था।
गुजरात से तुलना — रेड्डी का बड़ा आरोप
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को 17 से 24 अगस्त के बीच 'वाइब्रेंट गुजरात 2047' पहल के तहत निवेश-संबंधी यात्रा के लिए अमेरिका और कनाडा जाने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यूके और अमेरिका दोनों यात्राओं का उद्देश्य एक जैसा था — निवेश और राज्य का प्रचार — तो यूएस यात्रा की अनुमति क्यों नहीं दी गई। रेड्डी के अनुसार, 'तेलंगाना राइजिंग 2047' और 'वाइब्रेंट गुजरात' दोनों ही केंद्र के 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप हैं, फिर भी दोनों राज्यों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया गया।
केंद्र पर 'तानाशाही' का आरोप
रेवंत रेड्डी ने केंद्र के इस कदम को 'तानाशाही' करार देते हुए कहा कि इससे संघवाद की भावना को गहरी ठेस पहुँची है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को गुजरात का एंबेसडर मानते हैं और दूसरे राज्यों के विकास में रुचि नहीं रखते। उन्होंने कहा, 'राजनीतिक पहलू यह है कि प्रधानमंत्री BJP से हैं और गुजरात से आते हैं, जबकि मैं कांग्रेस से हूँ और तेलंगाना से।'
यात्रा का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी अमेरिका यात्रा का लक्ष्य दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटीज़ और स्पोर्ट्स अकादमियों के साथ सहयोग स्थापित करना, निवेशकों और रणनीतिक साझेदारों से मुलाकात करना, तथा तेलंगाना को खेल और शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना था। वे दिसंबर 2026 में हैदराबाद में होने वाले 'तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट 2.0' के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करना चाहते थे।
आगे क्या
यह विवाद केंद्र-राज्य संबंधों में एक नई तनाव की परत जोड़ता है, खासकर तब जब विपक्ष-शासित राज्य केंद्रीय अनुमोदन प्रक्रियाओं में 'भेदभाव' का आरोप लगाते रहे हैं। रेड्डी ने संकेत दिया कि वे इस मुद्दे को संसदीय और सार्वजनिक मंचों पर उठाएँगे। दिसंबर 2026 के निवेश सम्मेलन की तैयारियाँ जारी हैं और तेलंगाना सरकार वैकल्पिक माध्यमों से वैश्विक निवेशकों तक पहुँचने की कोशिश करेगी।