तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द, विदेश मंत्रालय ने 'राजनीतिक आधार' पर रोकी अनुमति
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को अपना अमेरिका दौरा बीच में रद्द करना पड़ा है, क्योंकि विदेश मंत्रालय ने राजनीतिक दृष्टिकोण से इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने शुक्रवार, 21 अगस्त को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मंत्रालय ने ब्रिटेन यात्रा को तो मंजूरी दी, लेकिन अमेरिका दौरे को 'राजनीतिक क्लीयरेंस' नहीं मिली। अब रेवंत रेड्डी ब्रिटेन में अपने कार्यक्रम पूरे कर सीधे हैदराबाद लौटेंगे।
दौरे की पृष्ठभूमि और योजना
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी बुधवार देर रात 10 दिन के ब्रिटेन और अमेरिका दौरे पर लंदन के लिए रवाना हुए थे। तेलंगाना राइजिंग के बैनर तले आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल को 23 अगस्त को अमेरिका के लिए उड़ान भरनी थी। राज्य सरकार ने नीति और प्रोटोकॉल के तहत दोनों देशों की यात्रा की अनुमति केंद्र से माँगी थी।
सीएमओ के अनुसार, आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के ब्रिटेन पहुँचने के बाद केंद्र ने अमेरिका दौरे से इनकार की सूचना दी — यानी यात्रा शुरू होने के बाद यह निर्णय सामने आया।
केंद्र के फैसले पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्र के इस निर्णय पर रेवंत रेड्डी ने कहा, "इस दौरे का एकमात्र मकसद केंद्र की नई शिक्षा नीति के तहत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों को भारत, तेलंगाना और हैदराबाद लाना था। ये हमारे युवाओं की दुनिया के बेस्ट आइवी लीग और टॉप ग्लोबल संस्थानों से शिक्षा, कौशल और ट्रेनिंग पाने की उम्मीदों का जवाब होते।"
उन्होंने यह भी कहा, "मैं हमेशा मानता रहा हूँ कि जब देश के निर्माण और युवाओं के भविष्य की बात आती है तो हमें राजनीति और चुनावों से ऊपर सोचना चाहिए।" यह टिप्पणी केंद्र और राज्य के बीच तनाव को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।
ब्रिटेन में जारी रहेंगे कार्यक्रम
रेवंत रेड्डी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE), लंदन बिजनेस स्कूल (LBS) और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन समेत अन्य संस्थानों से बातचीत जारी रखेंगे। वे ब्रिटेन के शीर्ष स्पोर्ट्स संस्थानों और स्किलिंग नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगे और तेलंगाना के साथ साझेदारी को औपचारिक रूप देने का प्रयास करेंगे।
हैदराबाद को 'ग्लोबल नॉलेज हब' बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा, "हम हैदराबाद को ग्लोबल नॉलेज हब बनाएंगे। उस्मानिया, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (HCU) और JNTU जैसे संस्थानों ने हैदराबाद को बेहतरीन मानव संसाधन का केंद्र बनाया है। IIT, ISB और NALSAR की स्थापना ने शहर को शीर्ष कंपनियों और उनके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को आकर्षित करने में मदद की।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरा संकल्प है कि हैदराबाद को दुनिया के टॉप शहरों में से एक बनाया जाए, जहाँ कोई भी आम भारतीय हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, MIT, LBS या LSE से शिक्षा और सर्टिफिकेट ले सके — क्योंकि जहाँ ज़्यादातर नेता अपने बच्चों को विदेश भेजना चाहते हैं, वहीं मैं दुनिया के बेस्ट संस्थानों को भारत लाना चाहता हूँ।"
आगे क्या होगा
रेवंत रेड्डी अब बोस्टन न जाकर लंदन से सीधे हैदराबाद वापस लौटेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के बीच कई मुद्दों पर मतभेद चल रहे हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह केंद्र के निर्देशों का पालन करेगी, लेकिन शिक्षा और कौशल विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाना जारी रखेगी।