क्या ऋचा चड्ढा हमेशा से इतनी आत्मविश्वासी थीं?
सारांश
Key Takeaways
- आत्मविश्वास एक यात्रा है, जो समय लेती है।
- सकारात्मकता का होना जरूरी है, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों।
- इंडस्ट्री में सुझाव और आलोचना हमेशा होती है।
- अपने आप पर विश्वास रखना महत्वपूर्ण है।
- सकारात्मक सोच से ही हम आगे बढ़ सकते हैं।
मुंबई, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्री ऋचा चड्ढा को अक्सर उनके बेबाक और बिंदास व्यक्तित्व के लिए जाना जाता है, लेकिन उनका कहना है कि वे हमेशा से ऐसी नहीं थीं। उन्होंने मुंबई में आयोजित 15वें इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट के दौरान अपने प्रारंभिक दिनों के बारे में साझा किया कि पहले वे काफी डरपोक और समझौता करने वाली थीं।
अभिनेत्री ने कहा, "हालांकि आज लोग मुझे आत्मविश्वासी और निडर मानते हैं, लेकिन पहले की परिस्थितियाँ बिल्कुल भिन्न थीं।" उन्होंने साझा किया, "मैं हमेशा से इतनी निडर और बोल्ड नहीं थी। अपने शुरुआती दिनों में मैं बहुत सहनशील हुआ करती थी। एक दिन सेट पर खड़ी होकर मैंने खुद से पूछा, मैंने ये फिल्म कब साइन की? मैं यहां क्या कर रही हूं? ये आइटम नंबर क्यों कर रही हूं?"
ऋचा ने एक अनुभव साझा करते हुए कहा, "एक डायरेक्टर ने मुझसे कहा कि मेल कोरियोग्राफर चाहिए और तुम्हें ऐसे-वैसे करने हैं। मैं अंदर से घबरा जाती थी कि ये लोग कौन हैं? मैं क्या कर रही हूं? मुझे समझ आया कि किसी लोकल मैनेजर ने थोड़े पैसे ले लिए होंगे और मुझे लगा होगा कि शायद यही करना चाहिए। यही इंडस्ट्री का तरीका है।"
उन्होंने बताया कि इस बीच इंडस्ट्री में लोग उन्हें उनके लुक्स को सुधारने की सलाह देते थे। उन्होंने कहा, "लोग कहते, होंठ ठीक करवा लो, चेहरा ठीक करवाओ, गाना शूट करने से पहले पानी मत पीना। मैं सब मान लेती थी। मैंने अपने शरीर और दिमाग को बहुत तकलीफ दी। मैं खुद से कहती थी, मैं बेकार हूं, मैं अच्छी नहीं हूं।"
अभिनेत्री ने अंत में कहा कि यह दुनिया है, यहां लोग बस आपको छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं।
हाल ही में, ऋचा चड्ढा और अली फजल के प्रोडक्शन हाउस पुशिंग बटन्स स्टूडियोज में बनी फिल्म 'सीक्रेट्स ऑफ अ माउंटेन सर्पेंट' का 82वें वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था।