क्या शिरसाट ने 5 करोड़ रुपए का घोटाला किया? सीएम से सिडको रिपोर्ट की जांच की मांग: रोहित पवार

सारांश
Key Takeaways
- रोहित पवार ने संजय शिरसाट पर घोटाले का आरोप लगाया।
- सिडको की रिपोर्ट की जांच की मांग की गई है।
- मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
- राजनीतिक विवाद महाराष्ट्र में बढ़ता जा रहा है।
- भाजपा और एनसीपी के बीच राजनीतिक लड़ाई जारी है।
मुंबई, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने सोमवार को शिवसेना विधायक संजय शिरसाट पर हजारों करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप दोहराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से सिडको (शहर एवं औद्योगिक विकास निगम) की रिपोर्ट के दस्तावेजों की जांच करने की मांग की।
रोहित पवार ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "सिडको प्रमुख शिरसाट ने ५ हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया है। सिडको की कानूनी रिपोर्ट में जमीन के हस्तांतरण का विरोध किया गया है। जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तो राज्य सरकार और सिडको एक ही व्यक्ति को जमीन क्यों बेच रहे हैं? दो दिन में ४२ टेबलों पर फाइल चली, शिरसाट ने कागजात पर हस्ताक्षर किए। अगर आप दस्तावेजों को पढ़ेंगे तो समझ आ जाएगा। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि वे दस्तावेजों को देखें।"
उन्होंने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने स्कूली बच्चों से बातचीत के दौरान चांद पर सबसे पहले कदम रखने वाले व्यक्ति के बारे में पूछा और बाद में खुद जवाब दिया कि हनुमान जी थे। रोहित पवार ने कहा, "हम सभी को शुभांशु शुक्ला पर गर्व है, जो अंतरिक्ष से लौटे हैं। प्रधानमंत्री ने उनका स्वागत किया, उन्हें अनुराग ठाकुर के साथ बैठकर बहस करनी चाहिए। हम सभी जानते हैं कि पहला अंतरिक्ष यात्री कौन था। यह विज्ञान पर आधारित तथ्य है, जिसका अध्ययन जरूरी है, लेकिन अनुराग ठाकुर ने राजनीतिक बयान दिया है।"
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट एशिया कप को लेकर उन्होंने कहा, "पहलगाम आतंकी हमले में २६ से २७ लोगों की जान चली गई। दूसरी ओर, जब पाकिस्तानी अधिकारी अमेरिका जाते हैं, तो वे 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में अपनी ही बात कहते हैं, जो पूरी तरह से गलत है। हम बीसीसीआई से अपील करते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप मैच नहीं होना चाहिए।"
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को उनके पद से हटाए जाने वाले विधेयक पर उन्होंने कहा, "जब प्रवर्तन निदेशालय से जुड़ा विधेयक पेश किया गया था, तो हमें उम्मीद थी कि यह एक स्वतंत्र संस्था होने के नाते भ्रष्ट व्यवसायों के खिलाफ काम करेगा, लेकिन बाद में प्रवर्तन निदेशालय क्या कर रहा है? विपक्ष को निशाना बनाकर ९८ प्रतिशत कार्रवाई विपक्ष के खिलाफ की गई। सरकार की ओर से प्रवर्तन निदेशालय काम कर रहा है, इसलिए उन्हें जो कहना है, कहने दीजिए, लेकिन यह विधेयक लोकतंत्र विरोधी है।"
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री को यह तय करने का अधिकार है कि किसे मंत्रिमंडल में रखना है। आप मुख्यमंत्री की शक्ति छीन रहे हैं, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध है। आपने जेपीसी का गठन किया है, लेकिन उसमें आप केवल हमारी बात सुनते हैं, जबकि हमारी राय पर कभी अमल नहीं करते। प्रधानमंत्री के खिलाफ कौन आपत्ति करेगा? यह बहुत अस्पष्ट विधेयक है। यह विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति मात्र है; उन्हें लगता है कि २०२९ में वे महाराष्ट्र में सत्ता खो देंगे, इसलिए नेताओं को नियंत्रित करने के लिए वे यह विधेयक ला रहे हैं।"
महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता नितेश राणे के वराह जयंती मनाने वाले बयान पर रोहित पवार ने कहा, "नितेश राणे को खबरों में रहना पसंद है। यही एकमात्र कारण है कि वे वराह जयंती मना रहे हैं।"