क्या रुड़की मस्जिद के इमाम पर यौन कुकर्म का आरोप सही है?

सारांश
Key Takeaways
- एनएचआरसी ने स्वतः संज्ञान लिया है।
- 7 वर्षीय लड़के के साथ यौन कुकर्म का आरोप है।
- आरोपी इमाम को गिरफ्तार किया गया है।
- पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- मानवाधिकारों का उल्लंघन गंभीर मामला है।
रुड़की, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तराखंड के रुड़की के झबरेड़ा क्षेत्र में एक मस्जिद के इमाम पर 7 वर्षीय लड़के के साथ यौन कुकर्म का आरोप लगने पर स्वतः संज्ञान लिया है।
इस मामले में एनएचआरसी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने झबरेड़ा क्षेत्र में इमाम द्वारा 7 वर्षीय लड़के के यौन कुकर्म संबंधी मामले में रुड़की के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी ने 20 अगस्त को उत्तराखंड के रुड़की के झबरेड़ा क्षेत्र में एक मस्जिद में इमाम द्वारा 7 वर्षीय लड़के के यौन कुकर्म संबंधी मीडिया की एक रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया। पीड़ित लड़का मस्जिद में पढ़ने गया था।
आयोग ने कहा कि यदि रिपोर्ट सत्य है, तो यह पीड़ित के मानवाधिकार के उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग ने इस सिलसिले में रुड़की के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
22 अगस्त, 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने लड़के को जबरदस्ती अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ घिनौना कृत्य किया। उसने पीड़ित को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। बच्चे ने घर पहुंचकर अपने परिवार को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी।
बता दें कि झबरेड़ा में एक मस्जिद के इमाम को पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया। उस पर 7 साल के बच्चे के साथ गलत काम करने का आरोप है। बच्चा इमाम के पास धार्मिक शिक्षा लेने आया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और उसे हिरासत में ले लिया है।