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रूसी विदेश मंत्री की ईरानी समकक्ष से वार्ता, संघर्ष रोकने की आवश्यकता पर चर्चा

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रूसी विदेश मंत्री की ईरानी समकक्ष से वार्ता, संघर्ष रोकने की आवश्यकता पर चर्चा

सारांश

रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव और ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची के बीच बातचीत में संघर्ष रोकने की आवश्यकता और संकट समाधान में मॉस्को की मदद करने का जिक्र हुआ। जानें इस बातचीत के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।

मुख्य बातें

संघर्ष रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
रूस की मदद के प्रयासों पर चर्चा हुई।
ईरानी समकक्ष ने अमेरिका की गतिविधियों पर चिंता जताई।
बातचीत में क्षेत्रीय स्थिरता का महत्व बताया गया।
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री की हत्या पर संवेदना व्यक्त की गई।

मॉस्को/तेहरान, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची के साथ हुई बातचीत में नए संघर्ष को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने चल रहे संकट के समाधान में मॉस्को की सहायता करने की इच्छा भी व्यक्त की।

रूस के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में, सर्जेई लावरोव ने कहा कि संघर्ष को फिर से शुरू होने से रोकना बहुत जरूरी है और यह स्थिति केवल सैन्य उपायों से हल नहीं हो सकती।

मंत्रालय ने अपनी टेलीफोन वार्ता के विवरण में बताया, "लावरोव ने सशस्त्र संघर्ष की पुनरावृत्ति को रोकने के महत्व पर जोर दिया और संकट के समाधान में रूस की निरंतर सहायता की तत्परता को दोहराया। उन्होंने फारस की खाड़ी में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अवधारणा विकसित करने की रूस की पहल को भी याद किया, जिसमें सभी तटीय देशों की भागीदारी और बाहरी देशों का समर्थन शामिल है।"

बातचीत के दौरान, अब्बास अरागची ने 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई हालिया ईरान-अमेरिका वार्ता की जानकारी दी। उन्होंने संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में अमेरिका की गतिविधियों पर चिंता भी जताई और इसके व्यापक प्रभावों के बारे में चेतावनी दी।

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अरागची ने कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी गतिविधियों के क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।

रूसी विदेश मंत्रालय ने कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने और ऐसे समाधान खोजने की प्रतिबद्धता का स्वागत किया जो संघर्ष के मूल कारणों को संबोधित करते हैं और क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करते हैं। साथ ही, उन्होंने ईरान और इसके पड़ोसी देशों के वैध हितों का ध्यान रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

लावरोव ने अपने ईरानी समकक्ष के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईरान के पूर्व विदेश मंत्रालय प्रमुख और विदेश नीति की रणनीतिक परिषद के प्रमुख के. खर्राज़ी की हवाई हमले में हुई हत्या पर “गहरी संवेदना” व्यक्त की।

इस बीच, लावरोव द्विपक्षीय सहयोग और यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्षों पर चर्चा के लिए दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर चीन पहुंच गए हैं। इससे पहले, रूसी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि 14-15 अप्रैल के दौरान वे अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ वार्ता करेंगे।

दोनों देशों के विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन, जी-20, एपीईसी सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग, उच्च-स्तरीय संपर्कों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही यूक्रेन संकट और मध्य पूर्व की स्थिति जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

इसी बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होरमुज़ जलडमरूमध्य पर की गई अमेरिकी नाकाबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

उन्होंने कहा, “संभवतः ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय बाजारों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते रहेंगे; इसे काफी हद तक निश्चित माना जा सकता है।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस नाकाबंदी से जुड़े कई विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए इस पर विस्तृत टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।

अमेरिका ने रविवार को स्पष्ट किया था कि वह 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले जहाजों पर व्यापक समुद्री नाकाबंदी लागू करेगा। यह कदम उस समय उठाया गया जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित प्रमुख मुद्दों पर किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूसी विदेश मंत्री और ईरानी समकक्ष के बीच बातचीत का मुख्य विषय क्या था?
बातचीत में संघर्ष को रोकने और संकट समाधान में मॉस्को की मदद करने का विषय प्रमुख था।
ईरानी समकक्ष ने अमेरिका की गतिविधियों पर क्या चिंता जताई?
अरागची ने संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में अमेरिका की गतिविधियों पर चिंता जताई और इसके वैश्विक प्रभावों के बारे में चेतावनी दी।
लावरोव ने किस बात पर जोर दिया?
लावरोव ने संघर्ष की पुनरावृत्ति को रोकने और इसके सैन्य समाधान की नहीं होने की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्या बातचीत में ईरान के पूर्व विदेश मंत्री की हत्या का जिक्र हुआ?
हां, लावरोव ने ईरान के पूर्व विदेश मंत्री की हत्या पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
क्या यह वार्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है?
जी हां, यह वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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