सद्गुरु जग्गी वासुदेव के जन्मदिन पर गडकरी, योगी समेत कई नेताओं ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक और पद्म विभूषण से सम्मानित आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के जन्मदिवस पर 3 सितंबर को देशभर के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक, राजनीतिक जगत ने एकसुर में उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
मुख्य बधाई संदेश
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'पद्म विभूषण सद्गुरू जग्गी वासुदेव जी आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं।' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि सद्गुरु का आध्यात्मिक चेतना के जागरण, प्रकृति संरक्षण और लोक-कल्याण के प्रति समर्पण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सद्गुरु योग, साधना और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से असंख्य लोगों को आंतरिक शांति और मानव कल्याण के भाव से जोड़ रहे हैं। उन्होंने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को विश्वभर तक पहुँचाने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बाबा महाकाल से सद्गुरु के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणादायी वाणी और मार्गदर्शन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सेवा और समरसता का प्रकाश फैलाते रहें।
अन्य शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने देवाधिदेव महादेव से सद्गुरु के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर उन्हें 'महान विचारक और योगी' बताते हुए अनंत शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी प्रभु श्रीराम से उनके दीर्घायु एवं सुखमय जीवन की मंगलकामना करते हुए बधाई दी।
सद्गुरु का परिचय और योगदान
सद्गुरु जग्गी वासुदेव विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उनके द्वारा स्थापित ईशा फाउंडेशन योग, आध्यात्म और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर कार्यरत है। उनका 'कावेरी कॉलिंग' और 'नदी बचाओ' जैसे अभियान पर्यावरण चेतना के क्षेत्र में मील के पत्थर माने जाते हैं।
यह बधाई संदेशों की बाढ़ दर्शाती है कि राजनीतिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में सद्गुरु की स्वीकार्यता और प्रभाव किस गहराई तक है।