24 अगस्त 2026
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शहीद राजगुरु की जयंती: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

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शहीद राजगुरु की जयंती: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

शहीद राजगुरु की जयंती पर 24 अगस्त को देश के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर नमन किया — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला तक, और योगी आदित्यनाथ से रेखा गुप्ता तक। भगत सिंह व सुखदेव के साथ 23 मार्च 1931 को फाँसी चढ़ने वाले इस क्रांतिकारी की विरासत आज भी राष्ट्रभक्ति की अमिट प्रेरणा है।

मुख्य बातें

अमर शहीद शिवराम हरि राजगुरु की जयंती 24 अगस्त को मनाई गई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला , और केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल , नितिन गडकरी व अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , राजस्थान के भजनलाल शर्मा , दिल्ली की रेखा गुप्ता , मध्य प्रदेश के मोहन यादव और बिहार के सम्राट चौधरी ने भी नमन किया।
राजगुरु ने भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिलकर ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जेपी सांडर्स को गोली मारी थी।
तीनों क्रांतिकारियों को 23 मार्च 1931 को लाहौर में फाँसी दी गई थी।

क्रांतिकारी अमर शहीद शिवराम हरि राजगुरु की जयंती पर 24 अगस्त को देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत की स्वतंत्रता के लिए ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जेपी सांडर्स को गोली मारने और अंततः हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूमने वाले इस महान सेनानी को केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्रियों तक ने एक्स पर पोस्ट कर नमन किया।

रक्षा मंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'अमर शहीद राजगुरु की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। राजगुरु ने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके लिए देश की आज़ादी से बढ़कर कुछ भी नहीं था। उनका अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।'

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए राजगुरु को 'स्वतंत्रता संग्राम की महागाथा के विशिष्ट नायकों में से एक' बताया और कहा कि उनकी राष्ट्रभक्ति युवाओं को सदैव देश सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक्स पर 'विनम्र अभिवादन' अर्पित किया।

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राजगुरु को 'अद्वितीय साहस और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक' कहते हुए लिखा कि उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

लोकसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्रियों का नमन

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा कि राजगुरु ने अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय और दमन के विरुद्ध अदम्य साहस और निर्भीकता के साथ संघर्ष किया। उन्होंने भगत सिंह और सुखदेव के साथ राजगुरु के संघर्ष को 'भारत के स्वाधीनता संग्राम का गौरवशाली अध्याय' बताया, जिसने युवाओं में स्वतंत्रता की चेतना को नई ऊर्जा दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजगुरु को 'अदम्य साहस एवं अटूट राष्ट्रभक्ति का प्रतीक' बताते हुए कहा कि राष्ट्र उनके त्याग, पराक्रम और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी एक्स पर उन्हें 'कोटिशः नमन' अर्पित किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा कि राजगुरु का अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और त्याग सदैव देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर जेपी सांडर्स को मौत के घाट उतारने और सेंट्रल असेंबली में बम धमाकों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'संपूर्ण राष्ट्र उनके ऋण से उऋण न हो सकेगा।'

बिहार और अन्य राज्यों से श्रद्धांजलि

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर राजगुरु के 'अदम्य साहस, त्याग और बलिदान की गाथा' को देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणादायी बताया। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 'शत्-शत् नमन' अर्पित करते हुए कहा कि राजगुरु का बलिदान युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत रहेगा।

बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी एक्स पर लिखते हुए राजगुरु को 'भारत माता के वीर सपूत' कहकर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।

राजगुरु की विरासत

गौरतलब है कि शिवराम हरि राजगुरु ने भगत सिंह और सुखदेव थापर के साथ मिलकर ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध की अगुवाई की थी। 23 मार्च 1931 को तीनों क्रांतिकारियों को लाहौर में फाँसी दी गई थी। उनकी शहादत ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की, और आज भी वे देश के युवाओं के लिए राष्ट्रप्रेम के अप्रतिम प्रतीक बने हुए हैं। प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को जीवित रखने के लिए पाठ्यक्रम सुधार, संग्रहालयों और शोध संस्थानों में निवेश जैसे ठोस कदमों की चर्चा लगभग अनुपस्थित रहती है। यह विडंबना है कि जिन नेताओं ने आज राजगुरु को याद किया, उनमें से अधिकांश ऐसी नीतियों पर मौन हैं जो क्रांतिकारी इतिहास को स्कूली शिक्षा में केंद्रीय स्थान दिला सकें। सोशल मीडिया श्रद्धांजलि जन-जागरण का विकल्प नहीं है — राजगुरु जैसे शहीदों की विरासत को संस्थागत रूप देना ही सच्चा नमन होगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहीद शिवराम हरि राजगुरु कौन थे?
शिवराम हरि राजगुरु भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिलकर ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जेपी सांडर्स को गोली मारी थी। 23 मार्च 1931 को तीनों को लाहौर में फाँसी दी गई थी।
राजगुरु की जयंती कब मनाई जाती है?
शहीद राजगुरु की जयंती प्रत्येक वर्ष 24 अगस्त को मनाई जाती है। इस अवसर पर देशभर के नेता, सामाजिक संगठन और नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
राजगुरु जयंती 2025 पर किन प्रमुख नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, नितिन गडकरी और अर्जुन राम मेघवाल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजगुरु ने जेपी सांडर्स को क्यों गोली मारी थी?
जेपी सांडर्स ब्रिटिश भारत में सहायक पुलिस अधीक्षक थे। राजगुरु, भगत सिंह और उनके साथियों ने उन्हें ब्रिटिश दमन के प्रतीक के रूप में देखते हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के हिस्से के रूप में गोली मारी थी।
राजगुरु, भगत सिंह और सुखदेव को फाँसी कब दी गई थी?
तीनों क्रांतिकारियों — राजगुरु, भगत सिंह और सुखदेव — को 23 मार्च 1931 को लाहौर में एक साथ फाँसी दी गई थी। यह तिथि भारतीय इतिहास में 'शहीद दिवस' के रूप में स्मरण की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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