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मुंबई: द्रोणाचार्य अवॉर्डी जिम्नास्टिक कोच पर पोक्सो के तहत मुकदमा, 16 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप

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मुंबई: द्रोणाचार्य अवॉर्डी जिम्नास्टिक कोच पर पोक्सो के तहत मुकदमा, 16 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप

सारांश

राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कोच पर नाबालिग शिष्या के यौन शोषण के प्रयास का आरोप — मुंबई के विले पार्ले में पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज। छात्रा ने पीटी टीचर की मदद से शिकायत की; पुलिस जाँच शुरू। खेल प्रशिक्षण परिवेश में नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल।

मुख्य बातें

मुंबई के विले पार्ले में द्रोणाचार्य अवॉर्डी 45 वर्षीय जिम्नास्टिक कोच के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज।
आरोप है कि कोच ने 16 वर्षीय छात्रा को व्हाट्सऐप पर बुलाकर जिम्नेजियम में यौन शोषण का प्रयास किया।
घटना के बाद कोच ने कथित तौर पर पीड़िता को चुप रहने के लिए कहा।
पीड़िता ने पीटी टीचर की मदद से विले पार्ले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की; आरोपी की गिरफ्तारी की अभी पुष्टि नहीं।

मुंबई के विले पार्ले इलाके में रहने वाले द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित 45 वर्षीय जिम्नास्टिक कोच के खिलाफ 24 अगस्त को पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि कोच ने अपने जिम्नेजियम में एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ छेड़छाड़ की और यौन शोषण का प्रयास किया। विले पार्ले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार की सुबह पीड़िता घर पर पढ़ाई कर रही थी, तभी आरोपी कोच ने उसे व्हाट्सऐप पर संदेश भेजा। नाबालिग ने संदेश का जवाब दिया और अपनी माँ को इस बातचीत की जानकारी दी। माँ के कहने पर जब छात्रा ने कोच से मैसेज का कारण पूछा, तो कोच ने लिखा — 'तुम कहाँ हो? अगर फ्री हो तो जिम्नेजियम में मुझसे मिलने आओ।'

छात्रा को लगा कि कोच को किसी काम से बुलाया है, क्योंकि वह कई वर्षों से उनसे जिम्नास्टिक सीख रही थी। उसने जवाब दिया, 'मैं घर पर हूँ, सर। मैं आती हूँ।'

जिम्नेजियम में क्या हुआ

एफआईआर के अनुसार, जिम्नेजियम पहुँचने पर छात्रा ने देखा कि कोच वहाँ अकेले थे। आरोप है कि कोच ने उसे चप्पल अंदर लाने और दरवाज़ा अंदर से बंद करने को कहा। इसके बाद कोच ने कथित तौर पर नाबालिग के साथ यौन शोषण का प्रयास किया। जब पीड़िता वहाँ से जाने लगी, तो आरोपी ने कहा कि 'जो कुछ भी हुआ वह हमारे बीच रहना चाहिए।'

शिकायत कैसे दर्ज हुई

पीड़िता ने अपने पीटी टीचर की मदद से विले पार्ले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए जाँच शुरू की है। फिलहाल आरोपी कोच की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।

द्रोणाचार्य अवॉर्ड और खेल जगत में हलचल

गौरतलब है कि द्रोणाचार्य अवॉर्ड भारत सरकार का सर्वोच्च खेल प्रशिक्षण सम्मान है, जो उत्कृष्ट कोचों को दिया जाता है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल संस्थानों में जवाबदेही को लेकर पहले से ही बहस जारी है। यह ऐसी घटना है जो खेल प्रशिक्षण परिवेश में नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।

आगे क्या होगा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जाँच जारी है। पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में आरोप सिद्ध होने पर कड़ी सज़ा का प्रावधान है। जाँच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय खेल प्रशिक्षण तंत्र की उस संरचनागत खामी का प्रतिबिंब है जहाँ कोच और शिष्य के बीच असमान शक्ति संबंध को अब तक पर्याप्त संस्थागत निगरानी नहीं मिली। द्रोणाचार्य जैसे सर्वोच्च सम्मान के बावजूद आरोप लगना यह दिखाता है कि पुरस्कार और जवाबदेही की व्यवस्था अलग-अलग चलती रही है। खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ को यह तय करना होगा कि क्या राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त प्रशिक्षकों के लिए अनिवार्य पृष्ठभूमि जाँच और स्वतंत्र शिकायत तंत्र लागू किए जाएँगे।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में द्रोणाचार्य अवॉर्डी जिम्नास्टिक कोच पर क्या आरोप हैं?
आरोप है कि 45 वर्षीय कोच ने 16 वर्षीय छात्रा को व्हाट्सऐप पर जिम्नेजियम बुलाकर वहाँ यौन शोषण का प्रयास किया। मुंबई पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है और जाँच जारी है।
पोक्सो एक्ट क्या है और इस मामले में यह क्यों लागू होता है?
पोक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट, 2012 भारत में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देता है। चूँकि पीड़िता 16 वर्षीय नाबालिग है, इसलिए यह कानून लागू होता है और दोषसिद्धि पर कड़ी सज़ा का प्रावधान है।
पीड़िता ने शिकायत कैसे दर्ज कराई?
पीड़िता ने अपने पीटी टीचर की मदद से विले पार्ले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की है।
द्रोणाचार्य अवॉर्ड क्या होता है?
द्रोणाचार्य अवॉर्ड भारत सरकार द्वारा खेल प्रशिक्षकों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो उत्कृष्ट कोचिंग और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए प्रदान किया जाता है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। पोक्सो एक्ट के तहत आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को कठोर दंड का सामना करना पड़ सकता है। जाँच के नतीजों के आधार पर गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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