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बेंगलुरु: नाबालिग बॉक्सर से यौन उत्पीड़न के आरोप में कोच पर POCSO व BNS के तहत केस दर्ज

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बेंगलुरु: नाबालिग बॉक्सर से यौन उत्पीड़न के आरोप में कोच पर POCSO व BNS के तहत केस दर्ज

सारांश

बेंगलुरु में एक 50 वर्षीय बॉक्सिंग कोच पर 17 वर्षीया नाबालिग खिलाड़ी से चार साल तक यौन उत्पीड़न के आरोप में POCSO और BNS के तहत केस दर्ज हुआ है। पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामला खेल संस्थानों में नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है।

मुख्य बातें

बेंगलुरु के संपंगीरामनगर थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय बॉक्सिंग कोच के खिलाफ 22 मई 2025 को यौन उत्पीड़न का केस दर्ज।
पीड़िता 17 वर्षीया नाबालिग बॉक्सर है जो पिछले 10 वर्षों से आरोपी के यहाँ प्रशिक्षण ले रही थी।
आरोपी पर POCSO अधिनियम 2012 की धारा 8 व 12 और BNS 2023 की धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज।
कथित उत्पीड़न चार वर्षों से जारी था; 17 मई को चेन्नई में प्रतियोगिता के दौरान भी घटना का आरोप।
आरोपी ने पीड़िता को परिजनों को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
इससे पहले उत्पीड़न की शिकायत एक आंतरिक समिति को भी दी गई थी।

बेंगलुरु के संपंगीरामनगर थाना क्षेत्र में एक निजी बॉक्सिंग क्लब के 50 वर्षीय कोच के खिलाफ 22 मई 2025 को यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता की माँ की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की, जिसमें आरोप है कि कोच ने 17 वर्षीया नाबालिग बॉक्सर के साथ पिछले चार वर्षों से दुर्व्यवहार किया और पिछले पाँच-छह महीनों में ऐसी घटनाएँ और बढ़ गई थीं। पीड़िता पिछले 10 वर्षों से आरोपी कोच के यहाँ प्रशिक्षण ले रही थी।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

पीड़िता की माँ ने शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी कोच उनकी बेटी को उसके निजी कमरे में गलत तरीके से छूता रहा और गाली-गलौज भी करता था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कांतिरावा स्टेडियम में भी कई मौकों पर नाबालिग के साथ अनुचित शारीरिक निकटता बनाने की कोशिश की।

एफआईआर में 17 मई की एक विशेष घटना का उल्लेख है, जब बॉक्सिंग दल एक प्रतियोगिता के लिए चेन्नई में था। आरोप है कि कोच ने नाबालिग लड़की को अपने निजी कमरे में बुलाया, जहाँ उसने उसके साथ जबरदस्ती की और अनुचित हरकतें कीं।

शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी थी कि यदि उसने परिवार को कुछ बताया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

दर्ज धाराएँ और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 की धारा 8 और 12 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जाँच जारी है।

गौरतलब है कि इस उत्पीड़न की शिकायत पहले एक आंतरिक समिति को भी सौंपी गई थी, जिसका उल्लेख एफआईआर में किया गया है। पुलिस के अनुसार अब उस समिति के समक्ष दर्ज शिकायत का भी संज्ञान लिया जा रहा है।

पीड़िता और परिवार की स्थिति

पीड़िता की माँ ने बताया कि उनकी बेटी वर्षों से इस उत्पीड़न को चुपचाप सहती रही, क्योंकि आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। यह ऐसे समय में सामने आया है जब खेल संस्थानों में नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है।

पीड़िता की उम्र और उसकी लंबी ट्रेनिंग अवधि को देखते हुए यह मामला खेल प्रशिक्षण केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आगे की जाँच

संपंगीरामनगर पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की जाँच चल रही है। आरोपी की गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार, आगे की कार्रवाई जाँच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब वह तंत्र विफल रहा — पुलिस तक पहुँचना अंतिम विकल्प बना, पहला नहीं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु बॉक्सिंग कोच पर क्या आरोप हैं?
आरोपी 50 वर्षीय बॉक्सिंग कोच पर 17 वर्षीया नाबालिग बॉक्सर के साथ चार वर्षों तक यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। पीड़िता की माँ की शिकायत के अनुसार, कोच ने लड़की को निजी कमरे में गलत तरीके से छुआ, जबरदस्ती की और परिवार को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस ने POCSO अधिनियम 2012 की धारा 8 और 12 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 8 यौन हमले और धारा 12 यौन उत्पीड़न से संबंधित है।
यह घटना कब और कहाँ हुई?
कथित उत्पीड़न बेंगलुरु के संपंगीरामनगर क्षेत्र के एक निजी बॉक्सिंग क्लब और कांतिरावा स्टेडियम में हुआ। 17 मई को चेन्नई में एक बॉक्सिंग प्रतियोगिता के दौरान भी एक घटना का आरोप है। शिकायत 22 मई 2025 को दर्ज कराई गई।
क्या इससे पहले भी शिकायत की गई थी?
हाँ, एफआईआर के अनुसार पीड़िता की ओर से पहले एक आंतरिक समिति को भी शिकायत दी गई थी। उस शिकायत का उल्लेख एफआईआर में किया गया है और पुलिस उसका भी संज्ञान ले रही है।
मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
संपंगीरामनगर पुलिस ने केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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