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क्या समस्तीपुर वीवीपैट पर्ची मामले में एआरओ निलंबित हुआ?

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क्या समस्तीपुर वीवीपैट पर्ची मामले में एआरओ निलंबित हुआ?

सारांश

समस्तीपुर में वीवीपैट पर्चियों की घटना ने चुनाव आयोग को एआरओ को निलंबित करने पर मजबूर किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसे मॉक पोल से संबंधित बताया। जानें इस मामले में क्या हुआ और आगे की कार्रवाई क्या होगी।

मुख्य बातें

वीवीपैट पर्चियों का मिलना गंभीर मुद्दा है।
चुनाव आयोग ने त्वरित कार्रवाई की है।
लापरवाही के लिए एआरओ को निलंबित किया गया है।
मॉक पोल की पर्चियों से मतदान प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई।
जांच जारी है और एफआईआर दर्ज की गई है।

नई दिल्ली, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के समस्तीपुर में सड़क किनारे वीवीपैट पर्चियां मिलने की घटना में चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संबंधित एआरओ को लापरवाही के कारण निलंबित कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदान की निष्पक्षता को बनाए रखने का आश्वासन दिया और कहा कि यह घटना केवल मॉक पोल पर्चियों से जुड़ी हुई है, जिससे मतदान प्रक्रिया की अखंडता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

समस्तीपुर की घटना पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, "समस्तीपुर के डीएम को मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया गया है। चूंकि ये मॉक पोल की वीवीपैट पर्चियां हैं, इससे वास्तविक मतदान प्रक्रिया की अखंडता पर कोई असर नहीं पड़ा है। डीएम ने चुनाव में भाग ले रहे उम्मीदवारों को भी सूचित कर दिया है। हालांकि, संबंधित एआरओ को लापरवाही के लिए निलंबित किया जा रहा है और एफआईआर दर्ज की जा रही है।"

समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के गुड़मा गांव में सड़क किनारे कूड़े के ढेर में वीवीपैट पर्चियां पड़ी थीं। सूत्रों के अनुसार, बिहार प्रशासनिक सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी (एआरओ) मॉक मतदान के बाद कुछ समय के लिए मतदान केंद्र से चले गए थे और काम एक कनिष्ठ अधिकारी को सौंप दिया था, जिसने गलती से पर्चियों को 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर फेंक दिया था।

सुबह 6.12 बजे के सीसीटीवी फुटेज में एक सफाई कर्मचारी को झाड़ू लगाते हुए दिखाया गया, जिससे अनजाने में पर्चियां बिखर गईं।

जिला मजिस्ट्रेट रोशन कुमार ने कहा, "प्रारंभिक जांच से पुष्टि हुई है कि ये मतदान शुरू होने से पहले सुबह 5.30 बजे किए गए अनिवार्य मॉक पोल की वीवीपैट पर्चियां थीं।"

चुनाव आयोग के प्रोटोकॉल के अनुसार, ईवीएम-वीवीपैट की कार्यक्षमता की जांच के लिए मतदान एजेंटों की उपस्थिति में मॉक पोल होते हैं, जिसके बाद सीसीटीवी की निगरानी में पर्चियों को नष्ट कर दिया जाता है।

जिला प्रशासन ने जांच के बाद सभी पर्चियों को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की मौजूदगी में जब्त किया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चुनाव आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एआरओ को निलंबित किया है। यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग मतदान की निष्पक्षता को गंभीरता से लेता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वीवीपैट पर्चियों का मिलना गंभीर है?
यह घटना गंभीर है, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे मॉक पोल से संबंधित बताया है, जिससे मतदान प्रक्रिया की अखंडता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
एआरओ को क्यों निलंबित किया गया?
एआरओ को लापरवाही के लिए निलंबित किया गया है क्योंकि उन्होंने मॉक पोल की पर्चियों को उचित तरीके से संभाल नहीं किया।
इस मामले में और क्या कार्रवाई होगी?
इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है और जिला प्रशासन जांच जारी रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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