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क्या समीर मोदी को साकेत कोर्ट से मिली बड़ी राहत, कथित बलात्कार मामले में जमानत?

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क्या समीर मोदी को साकेत कोर्ट से मिली बड़ी राहत, कथित बलात्कार मामले में जमानत?

सारांश

समीर मोदी को साकेत कोर्ट से बड़ी राहत मिली है, जहां उन्हें कथित बलात्कार मामले में जमानत दी गई है। जानिए इस मामले की सभी महत्वपूर्ण बातें और कोर्ट के फैसले की पृष्ठभूमि।

मुख्य बातें

समीर मोदी को साकेत कोर्ट से जमानत मिली।
दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध किया।
मामला संवेदनशील होने के कारण इन कैमरा सुनवाई की गई।
समीर मोदी के वकील ने आरोपों को झूठा बताया।
जांच में डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं।

नई दिल्ली, २५ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कथित बलात्कार मामले में गिरफ्तार ललित मोदी के भाई समीर मोदी को साकेत कोर्ट ने गुरुवार को बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दी।

साकेत कोर्ट ने समीर मोदी की जमानत याचिका पर इन कैमरा सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने इन कैमरा सुनवाई करने का आदेश दिया था। शिकायतकर्ता ने भी आग्रह किया था कि इस मामले को बंद कमरे में सुना जाए।

सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस ने समीर मोदी की जमानत का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कहा कि यदि आरोपी को जमानत दी गई, तो यह जांच को प्रभावित कर सकती है। पुलिस ने यह भी आशंका जताई कि आरोपी जमानत मिलने पर फरार हो सकता है। पुलिस ने तर्क किया कि समीर मोदी पहले भी विदेश जाने का प्रयास कर चुके हैं, इसलिए उन्हें जमानत न दी जाए।

जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं, जिसमें व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल प्रमाण शामिल हैं।

वहीं, समीर मोदी के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कहा कि एलओसी में जल्दबाजी की गई है। उनका कहना है कि एफआईआर के मात्र पांच दिनों में एलओसी जारी करना संदिग्ध है। वकील ने कहा कि आरोप झूठे हैं और यह एक वसूली की साजिश है।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने समीर मोदी को १८ सितंबर को गिरफ्तार किया था। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने की पुलिस ने उन्हें उस समय हिरासत में लिया, जब वह विदेश से दिल्ली लौटे थे और एयरपोर्ट पर पहुंचे थे।

समीर मोदी पर आरोप है कि उन्होंने कई साल पहले एक महिला के साथ बलात्कार किया था। यह मामला काफी पुराना है, लेकिन लंबी जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे जुड़े सामाजिक पहलू भी गंभीर हैं। समीर मोदी की जमानत पर उठे सवाल इस बात को दर्शाते हैं कि न्याय व्यवस्था में संवेदनशील मामलों की सुनवाई कितनी महत्वपूर्ण है। एक तरफ जहां आरोपी को न्याय का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता की सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समीर मोदी को कब गिरफ्तार किया गया था?
समीर मोदी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
साकेत कोर्ट ने समीर मोदी को कब जमानत दी?
साकेत कोर्ट ने समीर मोदी को गुरुवार को जमानत दी।
दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध क्यों किया?
दिल्ली पुलिस ने आशंका जताई कि जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
क्या मामले में कोई साक्ष्य है?
जी हां, जांच अधिकारी ने बताया कि व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल प्रमाण मौजूद हैं।
समीर मोदी के वकील का क्या कहना है?
वकील ने आरोपों को झूठा और वसूली की साजिश बताया।
राष्ट्र प्रेस
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