क्या पंजाब के संगरूर में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर के बाहर प्रदर्शन किया?

सारांश
Key Takeaways
- शिक्षकों की मुख्य मांग नियमितीकरण है।
- सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप।
- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका।
- शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने का प्रयास।
- मुख्यमंत्री से मिलने का दृढ़ निश्चय।
संगरूर, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के संगरूर में शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने उन्हें केवल आश्वासन दिए हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की है।
प्रदर्शनकारी शिक्षक रविवार को मुख्यमंत्री से मिलने उनके निवास की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिससे वहां हल्का तनाव उत्पन्न हुआ और धक्का-मुक्की हुई। शिक्षकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे केवल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे।
शिक्षकों की मुख्य मांग है कि उन्हें भी अन्य सरकारी शिक्षकों की तरह नियमित किया जाए और स्थायी नियुक्ति दी जाए। उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी, तब उन्हें उम्मीद थी कि वर्षों से लंबित यह मुद्दा हल होगा, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
एक शिक्षक ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता में आए ढाई साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन हमारी स्थिति जस की तस है। शिक्षक ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के 'शिक्षा क्रांति' के दावे पूरी तरह से झूठे हैं। उन्होंने कहा कि न शिक्षा मंत्री और न ही मुख्यमंत्री, कोई भी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
प्रदर्शन कर रही एक महिला शिक्षक ने कहा कि जब किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं होती, तो इंसान मजबूर हो जाता है। सालों से हम अपनी मांग को उठाते आ रहे हैं। शिक्षा मंत्री के साथ कई बार मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री राज्य के स्कूलों के अध्यक्ष हैं। नियमों के अनुसार उन्हें शिक्षकों के साथ मीटिंग करनी चाहिए, लेकिन एक भी मीटिंग नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि जनता के लिए दरवाजे खुले हैं, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं है। हम मुख्यमंत्री से मिले बिना यहां से नहीं जाएंगे।