क्या संत देवेशाचार्य ने देवकीनंदन ठाकुर के बयान का समर्थन किया और शाहरुख खान के एजेंडे को हिंदू विरोधी बताया?
सारांश
Key Takeaways
- हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार पर चिंता जताई गई है।
- संत देवेशाचार्य ने शाहरुख खान के एजेंडे को हिंदू विरोधी बताया।
- केकेआर को बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करने पर बहिष्कार की चेतावनी दी गई।
- सामाजिक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- हिंदुओं के लिए आवाज उठाने की आवश्यकता है।
अयोध्या, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर को टीम में शामिल करने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि यह खिलाड़ी टीम में रहा, तो केकेआर को इसके लिए बाहर होना पड़ेगा, अन्यथा टीम का बहिष्कार होगा। उनके इस बयान के बाद विवाद उत्पन्न हो गया है।
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के संत देवेशाचार्य महाराज ने भी देवकीनंदन ठाकुर के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "देवकीनंदन ठाकुर ने बिल्कुल सही कहा है। इस समय बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, जलाया जा रहा है और भगाया जा रहा है। ऐसे समय में यदि उस देश का खिलाड़ी भारत में खेलता है, तो यह स्थिति चिंताजनक है।"
संत देवेशाचार्य ने शाहरुख खान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "क्या शाहरुख खान ने कभी उन हिंदुओं के लिए ट्वीट किया? क्या उन्होंने उन हिंदुओं के बारे में सोचा जो वहाँ मारे जा रहे हैं, जलाए जा रहे हैं, प्रताड़ित किए जा रहे हैं? कभी नहीं, क्योंकि उनका हिंदू विरोधी एजेंडा रहा है।"
देवेशाचार्य महाराज ने आगे कहा कि पूरे भारत में शाहरुख खान और उनकी टीम के खिलाफ विरोध होना चाहिए। उनके फिल्मों का बहिष्कार किया जाना चाहिए और टीम को भी इस मामले में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जब भी भारत या हिंदुओं के खिलाफ कोई संकट आता है, शाहरुख खान कभी सामने नहीं आते। ऐसे में देवकीनंदन ठाकुर ने जो कहा, वह सही और समय की आवश्यकता के अनुसार है।
संत देवेशाचार्य का कहना है कि वर्तमान में बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह बहुत गलत है। इसलिए शाहरुख खान को भी इसकी गंभीरता को समझना चाहिए और किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को अपनी टीम में खेलने का मौका नहीं देना चाहिए।