26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या लातूर के जनऔषधि केंद्र ने गरीबों को सस्ती दवाओं का सहारा दिया है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या लातूर के जनऔषधि केंद्र ने गरीबों को सस्ती दवाओं का सहारा दिया है?

सारांश

लातूर के औसा शहर में पीएम जनऔषधि केंद्र गरीबों के लिए एक उम्मीद का केंद्र बन गया है। यहाँ सस्ती दवाओं की उपलब्धता से हजारों मरीजों को राहत मिल रही है। क्या यह योजना गरीबों के लिए एक वरदान साबित हो रही है?

मुख्य बातें

जनऔषधि केंद्र गरीबों के लिए सस्ती दवाओं का मुख्य स्रोत है।
यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाती है।
दवाओं की कीमतें प्राइवेट स्टोर्स की तुलना में 50-90% कम हैं।
यह योजना गरीबों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है।
इमरजेंसी सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।

लातूर, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के लातूर जिले के औसा शहर में स्थापित प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र अब आम लोगों के लिए एक सहारा बन चुका है। यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों मरीज आते हैं, जो बेहद कम कीमत पर अपनी आवश्यक दवाइयाँ खरीदते हैं।

इस जनऔषधि केंद्र पर वही दवाइयाँ उपलब्ध हैं, जो प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स पर कई गुना महंगी मिलती हैं। यहाँ मरीजों को दवाइयाँ 50 से 90 प्रतिशत कम कीमत पर मिल रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को काफी राहत मिल रही है।

एक मरीज ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "पहले हमें दवाओं पर बहुत खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब वही दवा हमें आधे और उससे भी कम दाम में मिल रही है। इसके लिए हम पीएम मोदी का धन्यवाद करते हैं।"

एक अन्य मरीज ने कहा, "जनऔषधि योजना हमारे जैसे गरीब लोगों के लिए एक वरदान साबित हुई है।"

स्थानीय निवासी रोहन ने बताया, "मेरे पापा को बीपी और मम्मी को शुगर है। मैं पिछले 2-3 साल से यहीं से दवाइयाँ ले रहा हूँ। एक बार इमरजेंसी में रात 2 बजे भी केंद्र खोला गया। यह बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ दवाइयाँ बहुत कम दाम पर मिलती हैं, जिससे हम गरीब लोगों के हजारों रुपए बच जाते हैं। इसके लिए मैं पीएम मोदी का धन्यवाद करता हूँ।"

दुकानदार देशमणी ऋषिकेश सोमनाथ ने कहा, "जनऔषधि केंद्र पर मार्केट की 100 रुपए वाली दवा केवल 25 रुपए में मिल जाती है। हमारे पास 2,000 से ज्यादा नियमित ग्राहक हैं। खासकर शुगर और बीपी के मरीजों की संख्या अधिक है। एक मरीज जो बाहर से 2,000 रुपए की दवाएँ खरीदता था, वह यहाँ मात्र 500 रुपए में ले रहा है।"

एक अन्य दुकानदार ने कहा, "जो लोग दवा के बिना मर जाते थे, अब उन्हें दवा मिल रही है। पीएम मोदी ने जब यह दर्द समझा, तभी जनऔषधि योजना शुरू की। आज गरीब को 100 रुपए की दवा केवल 20-25 रुपए में मिल रही है। 75-80 रुपए की सीधी छूट मिल रही है। यह गरीब की सेवा है और हमारे लिए यही सबसे बड़ी संतुष्टि है। पीएम मोदी को धन्यवाद कि उन्होंने ऐसा काम किया। हम चाहते हैं कि यह सेवा हमेशा जारी रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वे समाज के निचले तबके के लिए कितना बड़ा सहारा बन सकती हैं। यह योजना न केवल दवाओं की उपलब्धता को आसान बनाती है, बल्कि गरीब वर्ग के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने का प्रयास करती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनऔषधि केंद्र में कौन-कौन सी दवाइयाँ मिलती हैं?
जनऔषधि केंद्र में सभी आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध हैं, जो प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स पर महंगी होती हैं।
क्या ये दवाइयाँ सभी के लिए उपलब्ध हैं?
हाँ, यह केंद्र आम जनता के लिए खुला है और सभी लोग यहाँ से दवाइयाँ खरीद सकते हैं।
क्या यहाँ दवाइयाँ खरीदने के लिए कोई पंजीकरण आवश्यक है?
नहीं, यहाँ दवाइयाँ खरीदने के लिए कोई पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
क्या दवाइयाँ समय पर उपलब्ध रहती हैं?
हाँ, दवाइयाँ हमेशा उपलब्ध रहती हैं और इमरजेंसी में भी केंद्र खोला जाता है।
इस योजना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है?
लोग सीधे जनऔषधि केंद्र पर जाकर सस्ती दवाइयाँ खरीद सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले