क्या एफडब्ल्यूआईसीई ने दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को पद्मश्री देने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा?

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क्या एफडब्ल्यूआईसीई ने दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को पद्मश्री देने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा?

सारांश

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को पद्मश्री देने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा है। यह पत्र सतीश के भारतीय सिनेमा में योगदान को मान्यता देता है, जिससे उनके प्रशंसकों में नई उम्मीद जगी है।

मुख्य बातें

एफडब्ल्यूआईसीई ने सतीश शाह को पद्मश्री देने की सिफारिश की।
सतीश शाह ने चार दशकों तक भारतीय सिनेमा में उत्कृष्टता दिखाई।
उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें लाखों दिलों में स्थान दिलाया।
सतीश शाह का निधन एक गहरी क्षति है।
समाज में उनके योगदान को मान्यता देने की आवश्यकता है।

मुंबई, 28 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को पद्मश्री से सम्मानित करने हेतु पीएम मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में सतीश शाह को भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में अद्वितीय योगदान के लिए मरणोपरांत यह सम्मान देने की सिफारिश की गई है।

एफडब्ल्यूआईसीई 36 संघों और भारतीय फिल्म, टेलीविजन तथा डिजिटल उद्योग के विशाल कार्यबल का प्रतिनिधित्व करता है। उनके द्वारा लिखे गए पत्र में संगठन ने उल्लेख किया, “स्वर्गीय सतीश शाह एक अत्यंत प्रतिभाशाली कलाकार थे, जिनके कार्य ने देशभर में लाखों लोगों का दिल जीता।”

सतीश शाह ने 'ये जो है जिंदगी', 'साराभाई वर्सेज साराभाई', 'जाने भी दो यारो', और 'मैं हूं ना' जैसी ऐतिहासिक फिल्मों और टीवी शोज में अपनी कॉमिक टाइमिंग और अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत की सबसे सम्मानित हस्तियों में से एक बना दिया। चार दशकों से अधिक के करियर में उन्होंने घर-घर में अपनी पहचान बनाई और प्रदर्शन कला में उत्कृष्टता का प्रतीक बने।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि सतीश शाह केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक दयालु और करुणामयी व्यक्ति थे। वह हमेशा साथी कलाकारों, तकनीशियनों और पूरी बिरादरी को प्रोत्साहित करते थे। श्रमिक समुदाय में उन्हें गहरा सम्मान प्राप्त था। सतीश शाह ने एफडब्ल्यूआईसीई की कई कल्याणकारी पहलों का समर्थन किया।

उनके निधन से सभी के दिलों में एक भावनात्मक शून्य छूट गया है, जो उन्हें जानते थे और उस रचनात्मक दुनिया में जिसे उन्होंने आकार देने में मदद की थी।

पत्र में कहा गया है कि यह न केवल एक अभिनेता को बल्कि एक ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करेगा, जो चार दशकों से भी अधिक समय तक भारतीय दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने का कारण बने।

एफडब्ल्यूआईसीई ने प्रधानमंत्री से इस प्रस्ताव पर विचार करने का विनम्र अनुरोध किया है।

पिछले शनिवार को सतीश शाह का निधन हो गया था। उनके जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर फैल गई थी। पीएम मोदी ने भी उन्हें सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रेरणास्रोत भी। इस पत्र के माध्यम से एफडब्ल्यूआईसीई उनकी कला और योगदान को मान्यता देने की कोशिश कर रही है, जो समस्त देशवासियों के लिए गर्व का विषय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफडब्ल्यूआईसीई कौन है?
एफडब्ल्यूआईसीई, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज, भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग के संघों का एक संगठन है।
सतीश शाह को क्यों सम्मानित किया जा रहा है?
उन्हें उनके अद्वितीय योगदान और भारतीय सिनेमा में दी गई उत्कृष्टता के लिए पद्मश्री देने की सिफारिश की गई है।
सतीश शाह का कौन-कौन सा काम प्रसिद्ध है?
सतीश शाह ने 'ये जो है जिंदगी', 'साराभाई वर्सेज साराभाई', और 'जाने भी दो यारो' जैसी कई प्रसिद्ध फिल्मों और टीवी शोज में काम किया है।
पीएम मोदी ने सतीश शाह को कैसे याद किया?
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर सतीश शाह को श्रद्धांजलि दी थी, जिससे उनके योगदान को सम्मानित किया गया।
सतीश शाह के निधन का फिल्म इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ा?
उनके निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर फैल गई थी, और यह एक अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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