क्या सेल्वाराघवन ने जीवन का कड़वा सच बताया?
सारांश
Key Takeaways
- सेल्वाराघवन के विचार हमें आत्मनिर्भरता का महत्व सिखाते हैं।
- लोगों की परेशानियों में कोई दिलचस्पी नहीं होती।
- जीवन में कठिनाइयाँ अस्थायी होती हैं।
- ईश्वर की इच्छा को समझना चाहिए।
- खुद पर विश्वास रखना महत्वपूर्ण है।
मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिल फिल्म निर्देशक और अभिनेता सेल्वाराघवन को हमेशा से चुनौतीपूर्ण सिनेमा के लिए जाना जाता है। उनकी हर गतिविधि चर्चा का विषय बनती है। वे केवल फिल्मी दुनिया के लिए ही नहीं, बल्कि अपने विचारों के लिए भी प्रशंसा के पात्र हैं।
रविवार को, उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जीवन के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। सेल्वाराघवन ने लिखा कि अक्सर लोग सोचते हैं कि अपनी समस्याओं को दूसरों के सामने रखने से उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन यह हमेशा सही नहीं होता। उनका कहना है कि लोग वास्तव में दूसरों की परेशानियों में कोई रुचि नहीं रखते और केवल दिखावे के लिए कुछ शब्द कहकर चले जाते हैं।
सेल्वाराघवन ने अपने पोस्ट में लिखा, ''आप सोचते हैं कि अपनी परेशानियों को साझा करने से आपको शांति मिलेगी। मैं सच कह रहा हूं, उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका काम केवल कुछ शब्द कहना है और फिर वहां से चले जाना है। इसलिए खुद पर विश्वास रखें।''
यह पहली बार नहीं है जब सेल्वाराघवन ने जीवन से जुड़ी इस तरह की सलाह दी हो। इससे पहले उन्होंने अपने पोस्ट में ईश्वर की इच्छा और जीवन में आने वाली कठिनाइयों के बारे में भी लिखा था।
उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, ''एक दिन अचानक जीवन में सब कुछ गलत होने लगेगा और ऐसा लगेगा कि सभी लोग आपको धोखा दे रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में शांत रहे, ऐसा करने से बड़ी परेशानियाँ भी समय के साथ धुंध की तरह गायब हो जाएंगी और सब कुछ ठीक हो जाएगा। जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ अस्थायी होती हैं और उन्हें ईश्वर की इच्छा के रूप में देखना चाहिए।''
सेल्वाराघवन अगली फिल्म परियोजना 'मणिथन देवमगलम' में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन डेनिस मंजूनाथ कर रहे हैं, और सेल्वाराघवन ने फिल्म के लिए अपनी डबिंग भी पूरी कर ली है। यह फिल्म व्योम एंटरटेनमेंट के बैनर तले विजय सतीश द्वारा प्रोड्यूस की जा रही है।
फिल्म में सेल्वाराघवन और कुशी रवि मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा वाई.जी. महेंद्रन, माइम गोपी, कौसल्या, सतीश, दीपक, हेमा, लिर्थिका और एन. जोथी कानन जैसे कई अनुभवी कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी एक शांत और प्राकृतिक गाँव के इर्द-गिर्द घूमती है। अचानक गाँव में एक भयंकर त्रासदी आती है, जिससे गाँव की शांति भंग हो जाती है। मुख्य पात्र को अपने लोगों को बचाने के लिए कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं, और उसके ये निर्णय उसे उस भूमि का देवता बना देते हैं।