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क्या 'एसजीपीसी' चुनाव में 15 लाख से अधिक लोगों का हिस्सा लेना पंथ की जीत है?: गोबिंद सिंह लोंगोवाल

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क्या 'एसजीपीसी' चुनाव में 15 लाख से अधिक लोगों का हिस्सा लेना पंथ की जीत है?: गोबिंद सिंह लोंगोवाल

सारांश

अमृतसर में एसजीपीसी चुनाव प्रक्रिया में 15 लाख सदस्यों की भागीदारी को गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने पंथ की जीत बताया है। इस लेख में जानें चुनाव की महत्ता और भविष्य की प्रक्रियाओं के बारे में।

मुख्य बातें

एसजीपीसी चुनाव में 15 लाख सदस्यों की भागीदारी हुई।
यह चुनाव पंथ की एकजुटता का प्रतीक है।
भर्ती प्रक्रिया को श्री अकाल तख्त साहिब का समर्थन प्राप्त है।
भविष्य की प्रक्रियाएं अध्यक्ष के नेतृत्व में होंगी।
सभी को पंथ विरोधी ताकतों का सामना करना होगा।

अमृतसर, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के पूर्व अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने सोमवार को एसजीपीसी के अध्यक्ष पद के लिए चल रही चुनाव प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष के साथ-साथ अन्य पदों के लिए भी चुनाव होंगे।

गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने सोमवार को आयोजित पांच सदस्यीय भर्ती समिति की बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने एसजीपीसी के पदाधिकारी भर्ती प्रक्रिया में 15 लाख से अधिक सदस्यों के भाग लेने की सराहना की और इसे ‘पंथ की जीत’ कहा।

उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित समिति ने पूरे पंजाब में भर्ती प्रक्रिया चलाई, जिसमें लगभग 15 लाख सदस्य शामिल हुए, जो पंथ के लिए खुशी और गर्व का विषय है।"

लोंगोवाल ने कहा, "डेलीगेट आज हजूरी में बैठकर अपना अध्यक्ष चुनेंगे। इसके अलावा, कार्यकारी अध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों का भी चयन किया जाएगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य की सभी प्रक्रियाएं अध्यक्ष के नेतृत्व में होंगी।

उन्होंने कहा, "श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के मुताबिक ही सारी कार्यवाही हो रही है और भर्ती समिति पूरी तरह वैध है। यह कदम पंथ की एकजुटता और मजबूती के लिए आवश्यक था।"

सुखबीर बादल और अन्य नेताओं द्वारा समिति पर उठाए गए सवालों के जवाब में लोंगोवाल ने कहा, "पांच सदस्यीय समिति को श्री अकाल तख्त साहिब और जथेदार का समर्थन प्राप्त है। जो लोग इसे मान्यता नहीं देते, वे पंथ एकता के हित में नहीं सोच रहे।"

उन्होंने बताया, "2 अगस्त को सिंह साहिबानों के आदेश के बाद से ही यह प्रक्रिया शुरू हुई, और उसी के तहत आज का ऐतिहासिक दिन संभव हुआ है। पंथ, पंजाबी भाषा, संस्कृति और जमीन की रक्षा के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा और पंथ विरोधी ताकतों को हराना समय की मांग है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

एसजीपीसी चुनाव की प्रक्रिया को पंथ की एकता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 15 लाख सदस्यों की भागीदारी दर्शाती है कि समुदाय अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सजग है। यह चुनाव न केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया है, बल्कि यह समाज के एकजुट होने का भी प्रतीक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसजीपीसी चुनाव में कितने सदस्यों ने भाग लिया?
इस चुनाव में 15 लाख से अधिक सदस्यों ने भाग लिया।
गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने इस प्रक्रिया को कैसे बताया?
उन्होंने इसे पंथ की जीत बताया।
चुनाव में किन पदों का चयन होगा?
चुनाव में अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदों का चयन होगा।
राष्ट्र प्रेस
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