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क्या यूपी के शाहजहांपुर जिला जेल में भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है?

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क्या यूपी के शाहजहांपुर जिला जेल में भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है?

सारांश

शाहजहांपुर के जिला कारागार में भाई दूज का पर्व मनाने के लिए बहनों की लम्बी कतारें देखने को मिल रही हैं। जेल में विशेष व्यवस्थाओं के साथ इस पर्व का हर्षोल्लास से मनाया जाना एक भावुक दृष्य प्रस्तुत करता है। क्या यह पर्व पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने का एक माध्यम है?

मुख्य बातें

भाई दूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है।
जेल में विशेष व्यवस्थाएं बहनों के लिए बनाई जाती हैं।
यह पर्व मानवीय भावनाओं को उजागर करता है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल तैनात किया जाता है।
परिवारों के लिए यह एक उम्मीद की किरण है।

शाहजहांपुर, 23 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में आज जिला कारागार में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक पर्व भाई दूज उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही जेल के बाहर बहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

जिला कारागार द्वारा भाई दूज के अवसर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जैसे ही मिलने का समय हुआ, बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक करके आरती उतारी और मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की।

जेल अधीक्षक मिजाजीलाल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "भाई दूज के अवसर पर बहनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं ताकि वे अपने भाइयों से बिना किसी असुविधा के मिल सकें। इस प्रकार के आयोजन से जेल में भी मानवीय भावनाएं और पारिवारिक संस्कारों को संरक्षित करने का अवसर मिलता है।"

उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे से ही बहनें अपने भाइयों से मिल रही हैं। जेल में बहनों के लिए तिलक, जलपान सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी बहन को अपने भाई से मिलने में कोई परेशानी न हो। सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित पुलिस बल को तैनात किया गया है।

भाई से मिलने आई सौम्या शर्मा ने कहा कि उसका एकमात्र भाई जेल में बंद है और वह यहाँ पांच महीने से अधिक समय से है। हम अपने भाई से मिलकर भाई दूज का पर्व मनाने आए हैं।

भाई से मिलने आई मोनिका ने बताया कि वह भाई दूज मनाने के लिए जेल आई है। इस पर्व पर उसकी कामना है कि उसका भाई जल्दी जेल से रिहा होकर घर आ जाए और वे सभी साथ रह सकें।

पूजा ने बताया कि वह अपने भाई से मिलने के लिए लाइन में खड़ी है। उसका भाई मुश्किल में है; वह कुछ महीने पहले ही जेल में आया है। भाई दूज के इस पर्व पर वह यही प्रार्थना कर रही है कि उसका भाई जल्द से जल्द जेल से बाहर आ जाए और उसकी सभी समस्याएं समाप्त हो जाएं।

अनीता ने बताया कि वह यही कामना करती है कि उसका भाई फिर कभी जेल में न आए; उसे यहां एक साल हो गया है। वह एक लड़ाई के कारण जेल में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाने का कार्य करते हैं, जेल के भीतर भी मानवीय भावनाओं और पारिवारिक संस्कारों को जीवित रखने का एक माध्यम बन गए हैं। यह आयोजन न केवल जेल में बंद व्यक्तियों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक उम्मीद की किरण है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई दूज का पर्व कब मनाया जाता है?
भाई दूज का पर्व हर साल दीपावली के दूसरे दिन मनाया जाता है।
जेल में भाई दूज कैसे मनाया जाता है?
जेल में भाई दूज के अवसर पर विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं, जिससे बहनें अपने भाइयों से मिलकर इस पर्व का आनंद ले सकें।
क्या जेल में भाई दूज पर कोई खास कार्यक्रम होते हैं?
हां, जेल में भाई दूज के अवसर पर तिलक, मिठाई और जलपान की व्यवस्था की जाती है।
भाई दूज का महत्व क्या है?
भाई दूज भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का पर्व है, जिसमें बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
क्या भाई दूज पर भाई जेल से बाहर आ सकते हैं?
भाई दूज पर जेल में बंद भाइयों को अपने परिवार से मिलने का अवसर मिलता है, लेकिन उनकी रिहाई का निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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