शाहनवाज हुसैन का बड़ा बयान: बंगाल चुनाव में तृणमूल का होगा बुरा हाल, ईवीएम नहीं होगी दोषी
सारांश
Key Takeaways
- शाहनवाज हुसैन ने तृणमूल कांग्रेस के नतीजे को नकारात्मक बताया।
- ममता बनर्जी की स्थिति को लेकर चिंता जताई।
- महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव किया गया।
पटना, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में आने वाले दो चरणों के चुनावों में ईवीएम में कोई कमी नहीं होगी, बल्कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का परिणाम नकारात्मक होगा।
हुसैन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निराश हैं क्योंकि उन्हें यह एहसास है कि वह चुनाव हारने वाली हैं।
उन्होंने मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर हुए कथित हमले और राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विवाद का उल्लेख किया।
भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी को अपनी उपलब्धियों के बारे में बात करने का कोई विषय नहीं है। वह केवल भाजपा का मुकाबला करने के लिए बयान देती हैं।
इसके अलावा, हुसैन ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्रीय सरकार द्वारा महिला नेताओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव की सराहना की, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कूच बिहार में एक चुनावी रैली में दोहराया था।
पीएम मोदी ने जनसभा में कहा कि महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका लाभ मिल सके, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
हुसैन ने कहा कि सभी को इस प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर बाधा डालने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को अच्छे काम में रुकावट डालने की आदत है।
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा कि मालदा जिले के कालियाचक में हुई हालिया घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है, जहां सात न्यायिक अधिकारियों को बदमाशों ने बंधक बना लिया था।
प्रधानमंत्री ने कूच बिहार में कहा कि पूरे देश ने देखा और न्यायाधीशों को बंधक बनाने के तरीके से हैरान रह गया। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन में न्यायाधीशों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। कालियाचक की घटना तृणमूल कांग्रेस सरकार की क्रूरता का एक उदाहरण है। यदि सरकार न्यायाधीशों को सुरक्षा नहीं दे सकती, तो आम लोगों की स्थिति क्या होगी?