क्या शांभवी चौधरी समस्तीपुर में जनता की आवाज बन गईं?
सारांश
Key Takeaways
- जनता दरबार का आयोजन स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है।
- लोग अपनी शिकायतें सीधे सांसद के समक्ष रख सकते हैं।
- यह पहल समाज में संवाद को बढ़ावा देती है।
- सांसद ने जनता की समर्थन की बात की।
- यह कार्यक्रम विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पटना, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अक्सर यह देखा जाता है कि लोग अपनी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के समक्ष नहीं रख पाते हैं। स्थानीय स्तर पर जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उनका समाधान भी नहीं हो पाता। इन मुद्दों को सुलझाने के उद्देश्य से लोजपा (रामविलास) ने निर्णय लिया है कि उनके विधायक और सांसद अपने कार्यालयों में जनता दरबार लगाएंगे। इसी क्रम में मंगलवार को समस्तीपुर में सांसद शांभवी चौधरी के नेतृत्व में जनता दरबार का आयोजन किया गया।
समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के निवासियों ने सांसद को अपनी समस्याएं बताईं। इस दौरान भारी संख्या में लोग पानी, सड़क और बिजली से संबंधित शिकायतें लेकर पहुंचे।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अक्सर अपने जनप्रतिनिधियों से संपर्क नहीं कर पाते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है, जहां लोग अपनी अर्जी लेकर आ सकते हैं। यदि लिखित अर्जी नहीं है, तो भी लोग अपनी शिकायतें मौखिक रूप से बता सकते हैं।
सांसद ने बताया कि विधानसभा चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत प्राप्त हुआ है। एनडीए सरकार बिहार में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। जनता ने हमारी पार्टी को भी अधिक समर्थन दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने वरिष्ठ नेताओं को निर्देश दिया था कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए जनता दरबार आयोजित करें। इसलिए वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक हर सप्ताह अपने कार्यालय में जनता दरबार लगाएंगे, ताकि जनता के साथ सीधा संवाद हो सके। जनता ने जिस भरोसे के साथ हमारी पार्टी का समर्थन किया है, हम उस पर खरे उतरेंगे।
लोजपा (रामविलास) द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की गई जिसमें बताया गया कि समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र की सांसद शांभवी चौधरी ने जनता दरबार कार्यक्रम के तहत बिहार प्रदेश कार्यालय में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इस दौरान विधानमंडल एवं संसदीय दल के संयोजक वेद प्रकाश और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जनाब अशरफ अंसारी भी मौजूद थे।