शशि थरूर का केरल में यूडीएफ की सरकार बनने का दावा: जनता की राय पर जोर
सारांश
Key Takeaways
- शशि थरूर का यूडीएफ सरकार बनने का दावा
- सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर
- सरकारी परियोजनाओं में देरी का मुद्दा
- भाजपा को न वोट देने की अपील
- जनता की राय पर जोर
तिरुवनंतपुरम, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की सरकार बनने का दावा किया।
शशि थरूर ने कहा, "सरकार के खिलाफ एक सत्ता-विरोधी लहर चल रही है। सरकार की प्रगति रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने दस वर्षों में पांच लाख घर बनाए हैं। जबकि ओम्मन चांडी की सरकार ने इससे कहीं अधिक घर बनाए थे। एक और महत्वपूर्ण बिंदु राष्ट्रीय राजमार्ग विकास से जुड़ा है। विजिंजम परियोजना यूडीएफ सरकार की थी, जिसका पहले एलडीएफ ने विरोध किया था। भाजपा के पास यहाँ कोई विधायक नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, "मैंने सुना है कि नेमोम और कझाक्कूट्टम में भाजपा के जीतने की संभावना है। हम यहाँ इस स्थिति का बचाव करने के लिए हैं और एलडीएफ के उम्मीदवार भी वहाँ मौजूद हैं। सत्ता-विरोधी लहर एलडीएफ के खिलाफ है, इसलिए यूडीएफ को वोट दें। भाजपा एक भी सीट पर जीतने में असमर्थ होगी। असली मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच है।"
थरूर ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियाँ किसी व्यक्तिगत राजनेता पर नहीं हैं, बल्कि यह मौजूदा सरकार के प्रदर्शन के बारे में जनता की राय का प्रतिबिंब हैं। उन्होंने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो किसी को निशाना बनाकर राजनीति करता हो।"
उन्होंने सरकारी परियोजनाओं में हो रही देरी पर भी ध्यान केंद्रित किया और समय-सीमा और वास्तविक पूर्णता के बीच के अंतर को रेखांकित किया। थरूर ने कहा, "जहाँ चुनाव प्रचार बहुत जोशपूर्ण होता है, वहाँ लोग कभी-कभी आवश्यकता से अधिक बोल जाते हैं, जो समझदारी से परे होता है।"