क्या शिक्षा व्यवस्था खंडहर में तब्दील हो चुकी है?

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क्या शिक्षा व्यवस्था खंडहर में तब्दील हो चुकी है?

सारांश

आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति केवल एक दिखावा है। इस लेख में जानें कि कैसे 3000 कार्यकर्ता स्कूलों की स्थिति को जानने के लिए निकलेंगे और इन मुद्दों पर बात करेंगे।

मुख्य बातें

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
एनईपी का जश्न मनाना केवल दिखावा है।
राज्यों में शिक्षा की स्थिति जानने के लिए टीम गठित की गई है।

नई दिल्ली, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर भाजपा और कांग्रेस पर जोरदार हमला किया है। पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था खंडहर में तब्दील हो चुकी है और इसके लिए दोनों ही पार्टियां जिम्मेदार हैं।

उनका कहना था कि जब पूरी दुनिया अपने बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में प्रशिक्षित कर रही है, तब भारत में बच्चे टूटी-फूटी छतों के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति (एनईपी) का जश्न मना रही है, जबकि असलियत इससे बिल्कुल भिन्न है। उन्होंने राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से आठ बच्चों की मौत का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सरकारों की लापरवाही का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि पार्टी ने देशभर में सरकारी स्कूलों की स्थिति जानने के लिए 3,000 कार्यकर्ताओं की टीम बनाई है, जो 1 से 7 अगस्त तक 20 राज्यों के स्कूलों का दौरा करेगी और रिपोर्ट तैयार कर सरकार और जनता के सामने पेश करेगी।

सिसोदिया ने कहा कि एनईपी में शिक्षा पर जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च करने की बात की गई है, लेकिन मोदी सरकार 2.5 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने शिक्षा को वोट बैंक का हथियार बना लिया है, लेकिन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की इच्छा कभी नहीं दिखाई।

उन्होंने बताया कि देश में केवल 4.8 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब हैं और महज 29 प्रतिशत बच्चे दूसरी कक्षा का पाठ पढ़ और समझ सकते हैं। सिसोदिया ने जापान, चीन, सिंगापुर और अमेरिका का उदाहरण देते हुए बताया कि इन देशों में बच्चों को कोडिंग, रोबोटिक्स और एआई जैसी आधुनिक शिक्षा दी जा रही है।

उन्होंने कहा, "जापान में पांचवीं कक्षा में कोडिंग सिखाई जाती है, जबकि भारत में बच्चे कंट्रोल-सी और कंट्रोल-वी सीख रहे हैं। सिंगापुर में हर शिक्षक के लिए एआई आधारित 100 घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य है, जबकि भारत में शिक्षक प्रशिक्षण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।" राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर शिक्षा व्यवस्था का बंटाधार किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सरकार ने 26,000 सरकारी स्कूल पहले ही बंद कर दिए थे और अब 27,000 और बंद करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, "जहां शानदार स्कूलों की बात आती है, वहां लोग आम आदमी पार्टी को याद करते हैं, और जब स्कूल बंद करने की बात आती है, तो भाजपा का नाम आता है।"

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि "आप" सरकार बनने के बाद राज्य में शिक्षा का कायाकल्प किया गया है। उन्होंने बताया कि अब कोई बच्चा जमीन पर नहीं बैठता, हर स्कूल में वाई-फाई, साफ पानी और टॉयलेट की सुविधा है। पंजाब देश का पहला राज्य है जो एआई पर 400 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है और हर स्कूल में इंटरेक्टिव पैनल्स लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के 260 छात्रों ने जेईई मेन पास किया है और 800 से अधिक ने नीट। पार्टी ने 2 अगस्त को लखनऊ में "स्कूल बचाओ आंदोलन" की घोषणा की है और कहा है कि भाजपा व कांग्रेस की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ उनकी लड़ाई सड़क से संसद तक जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सभी का सामूहिक प्रयास होना चाहिए।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों मनीष सिसोदिया ने शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोला?
सिसोदिया ने भाजपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने शिक्षा को कमजोर किया है और इसे खंडहर में बदल दिया है।
नई शिक्षा नीति क्या है?
नई शिक्षा नीति (एनईपी) का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाना है, लेकिन सिसोदिया का कहना है कि इसे लागू करने में सरकार नाकाम रही है।
क्या पंजाब में शिक्षा में सुधार हुआ है?
पंजाब के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार ने शिक्षा में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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