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क्या जम्मू-कश्मीर के शोपियां में 3 ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया?

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क्या जम्मू-कश्मीर के शोपियां में 3 ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में पुलिस ने तीन ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया है। ये व्यक्ति राज्य की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में पहचाने गए थे। जानें क्या है इस गिरफ्तारी का मतलब और इसका प्रभाव।

मुख्य बातें

शोपियां पुलिस ने 3 ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी पीएसए के तहत की गई।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान की गई।
राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बनना मुख्य कारण।
शांति और सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

श्रीनगर, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के शोपियां क्षेत्र में आतंकवादियों के तीन ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि शांति और सुरक्षा बनाए रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, शोपियां पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत तीन ओवरग्राउंड वर्कर्स को हिरासत में लिया है।

बयान में बताया गया है कि गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान सेडो निवासी ओवैस अहमद लोन, शाहलातू निवासी मशूक अहमद शाह और चेक चोलैंड निवासी सुब्जार अहमद गनी के रूप में हुई है, जो सभी शोपियां के निवासी हैं।

पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए ये व्यक्ति राज्य की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में लगातार शामिल पाए गए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170/126 के अंतर्गत उनके खिलाफ कार्रवाई होने के बावजूद, वे गैरकानूनी गतिविधियों में संलग्न रहे, जिससे जिले में शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा हुआ। उनकी निरंतर संलिप्तता को देखते हुए शोपियां के जिला मजिस्ट्रेट से हिरासत आदेश प्राप्त किए गए। इन व्यक्तियों को जम्मू के कोट भलवाल केंद्रीय जेल में रखा गया है।

बयान में कहा गया है कि शोपियां पुलिस शांति और सुरक्षा की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है और राज्य की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवादियों, उनके गुप्तचरों, समर्थकों, मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों और हवाला रैकेट तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रहे हैं।

इन समन्वित अभियानों का उद्देश्य आतंकवाद के संपूर्ण समर्थन तंत्र को ध्वस्त करना है।

इसके अतिरिक्त, पुलिस अदालती आदेश प्राप्त करने के बाद आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी आदि में शामिल लोगों की संपत्तियों को भी जब्त करती है। ये संपत्तियां इन व्यक्तियों द्वारा आतंकवादी गतिविधियों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के माध्यम से अर्जित की जाती हैं।

-राष्ट्र प्रेस

एमएस/डीकेपी

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि सुरक्षा बलों द्वारा उठाए गए कदमों का उद्देश्य राष्ट्र की सुरक्षा है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवरग्राउंड वर्कर्स क्या होते हैं?
ओवरग्राउंड वर्कर्स वे लोग होते हैं जो आतंकवादी गतिविधियों में सहायता करते हैं लेकिन सीधे तौर पर आतंकवादियों के साथ जुड़े नहीं होते।
गिरफ्तारी का क्या कारण है?
इन व्यक्तियों की गिरफ्तारी राज्य की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में उनकी गतिविधियों के कारण की गई है।
क्या यह गिरफ्तारी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह गिरफ्तारी आतंकवाद के समर्थन तंत्र को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गिरफ्तारी के बाद इन व्यक्तियों के साथ क्या होगा?
गिरफ्तार व्यक्तियों को कोट भलवाल केंद्रीय जेल में रखा जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या पुलिस की कार्रवाई हमेशा सही होती है?
पुलिस की कार्रवाई कानून के अनुसार होती है, लेकिन हर कार्रवाई की व्यवस्था और न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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